
चित्रकूट/सतना: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। चित्रकूट और सतना जिलों में बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल हो गई है। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट के उफान पर बह रही है, जिससे रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। गोरगी बांध टूटने की सूचना के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं, जिससे प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

मंदाकिनी नदी का 300 मीटर लंबा पुल बहा, आवागमन ठप
मंदाकिनी नदी के प्रचंड जलप्रवाह की चपेट में आने से पर्यटन बंगले के सामने बना करीब 25 फीट ऊंचा और 300 मीटर लंबा मुख्य पुल बह गया है। यह पुल नयागांव को हनुमानधारा से जोड़ता था। इसके क्षतिग्रस्त होने से दोनों इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसके अलावा नयागांव के बड़े पुल की रेलिंग भी तेज बहाव में टूट गई है।

रामघाट पर 400 दुकानें डूबीं, राजमहल और रिहायशी बस्तियों में घुसा पानी
लगातार 14 घंटे से अधिक समय तक हुई भारी बारिश से रामघाट और भरतघाट के किनारे बनी करीब 400 दुकानें जलमग्न हो गई हैं। नयागांव राजमहल के भीतर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भरत घाट में एक दो मंजिला मकान डूबने की कगार पर पहुंच गया, जहां फंसे लोगों को नाव की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। लोग अपने घरों और होटलों में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू बोट्स का सहारा लिया जा रहा है।
रेलवे ट्रैक पर जलभराव, सतना-चित्रकूट मार्ग तीन जगहों से बंद
सतना जिले में भी हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं। मझगवां में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को कई घंटों तक रोकना पड़ा। भारी जलभराव के चलते सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग तीन स्थानों पर बंद हो गया है। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप तक पानी में डूब गए हैं, जबकि कोठी क्षेत्र में दीवार गिरने से मलबे में दबकर दो मवेशियों की मौत हो गई।
अन्य जिलों में भी अलर्ट, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
चित्रकूट और सतना के साथ-साथ टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। पन्ना के कई ग्रामीण इलाके टापू बन चुके हैं। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बानसुजारा बांध के 8 गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन की अपील और बचाव कार्य
एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं। बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों के पास न जाने और निचले इलाकों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त अपील की है।
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