Sunday , 6 September 2026

 केतन अग्रवाल हत्याकांड : मंगेतर के कत्ल की खौफनाक साजिश में एक और गिरफ्तारी, कैफे में बना था खाई से धक्का देने और सड़क हादसे का बैकअप प्लान

पुणे  : महाराष्ट्र के पुणे में बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रूह कंपा देने वाले नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने शुक्रवार देर रात इस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरे आरोपी रितेश हांगे को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को पुलिस ने रितेश को वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 12 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

साजिश में शामिल होने का शक, मुख्य आरोपी का दोस्त है रितेश

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, गिरफ्तार किया गया रितेश हांगे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का बेहद करीबी दोस्त है। जांच एजेंसियों को तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुख्ता संदेह है कि केतन को रास्ते से हटाने की पूरी प्लानिंग और साजिश को लेकर रितेश से भी विस्तृत चर्चा की गई थी। इसी आपराधिक संलिप्तता के मद्देनजर पुलिस ने उसे मामले में सह-आरोपी बनाते हुए शिकंजे में लिया है। इस मामले में मृतक की मंगेतर सिया और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पहले से ही पुलिस रिमांड में हैं।

कैफे में रची गई खौफनाक पटकथा, तैयार था सड़क हादसे का बैकअप प्लान

पुलिस सूत्रों और जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले की खाई में धकेलने से ठीक एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे। इसी मुलाकात के दौरान वारदात को अंतिम रूप दिया गया था। दोनों ने किले की उस जगह (प्वाइंट) को पहले ही चिन्हित कर लिया था, जहां से धक्का देने पर बचने की कोई गुंजाइश न रहे। साजिश इतनी शातिराना थी कि यदि केतन खाई में गिरने से बच जाता, तो 20 जून के बाद उसे एक प्रायोजित सड़क हादसे में मारने का पुख्ता बैकअप प्लान भी तैयार कर रखा गया था।

31 मई को आया था विचार, 14 जून को भी की गई थी नाकाम कोशिश

जांच में खुलासा हुआ कि केतन की हत्या का विचार सिया के दिमाग में 31 मई को ही आ गया था, जब वह केतन के साथ पहली बार लोहगढ़ किले गई थी। वहां एक खतरनाक ढलान पर बैठे केतन को देखकर उसने मर्डर की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी थी। इसके बाद 14 जून को भी केतन को खाई में धकेलने की कोशिश की गई थी। उस वक्त सिया ने सांप दिखने का शोर मचाकर ध्यान भटकाने और इसे प्राकृतिक हादसा दिखाने की चाल चली थी, लेकिन तब केतन बाल-बाल बच गया था। आखिरकार 18 जून को आरोपियों ने अपनी साजिश को अंजाम दे ही दिया।

आमने-सामने पूछताछ में फूटे आरोप, एक-दूसरे पर मढ़ रहे मास्टरमाइंड का ठीकरा

अदालत द्वारा 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजे गए दोनों मुख्य आरोपी पूछताछ के दौरान लगातार अपने बयान बदल रहे हैं और खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे को मास्टरमाइंड साबित करने में जुटे हैं। आमने-सामने बैठाकर की गई पूछताछ में चेतन ने दावा किया कि वह सिया के साथ भागना चाहता था, लेकिन सिया इसके लिए तैयार नहीं थी और हत्या की पूरी योजना उसी की थी। वहीं, सिया ने पलटवार करते हुए कहा कि हत्या का विचार चेतन का था और 14 जून को पहली कोशिश नाकाम होने पर वह उसके सामने फूट-फूटकर रोया था। हालांकि, जांच अधिकारियों का मानना है कि दोनों की यह नूराकुश्ती केवल कानूनी कार्रवाई और सख्त सजा से बचने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है।

 

Check Also

दही हांडी उत्सव में मातम: नवी मुंबई में मानव पिरामिड गिरने से 34 वर्षीय गोविंदा की मौत, मुंबई में 376 घायल, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

मुंबई/नवी मुंबई ब्यूरो: महाराष्ट्र में कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित दही हांडी उत्सव के …