Friday , 18 September 2026

कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड: पिता के कत्ल के चौथे दिन बेटे ने संभाली गद्दी, सोशल मीडिया से हटाईं रील्स; बिरहाना रोड के व्यापारियों तक पहुंची पुलिस

कानपुर औद्योगिक नगरी कानपुर के बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच अब एक नए और बेहद चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गई है। पिता के नृशंस कत्ल के महज चौथे दिन ही बेटे सुब्रत द्वारा फर्म पर जाकर कारोबार की कमान संभाल लेना पुलिस अधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है। पत्नी के जेल जाने के बावजूद सुब्रत अपनी मां के साथ दुकान पर पहुंचा और पूजा-अर्चना कर गद्दी पर बैठ गया। यही असहज कर देने वाला बर्ताव अब पुलिस की निगाहों में खटक रहा है, जिसके चलते जांच का दायरा बढ़ाते हुए बिरहाना रोड के प्रमुख दवा व्यापारियों से भी गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।

गंगाजल छिड़ककर कराया पूजन और शुरू कर दिया कामकाज जांच में सामने आया है कि 5 सितंबर की देर रात विनीत मिनोचा की इंदिरानगर स्थित फ्लैट में बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने विनीत की बहू शालू, पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मिलने के बावजूद खाकी की तफ्तीश थमी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार 5 सितंबर की खौफनाक वारदात के ठीक चार दिन बाद यानी 9 सितंबर को ही सुब्रत अपनी मां के साथ बिरहाना रोड स्थित फर्म पर पहुंच गया। वहां बाकायदा गंगाजल छिड़ककर पूजा-पाठ कराई गई और फिर पहले की ही तरह सामान्य ढंग से कारोबार शुरू कर दिया गया।

माल लौटाया, चेक वसूले और फेसबुक से डिलीट कर दीं पोस्ट पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि बीते आठ दिनों के भीतर सुब्रत ने तेजी दिखाते हुए कई साथी व्यापारियों का माल वापस लौटाया और बकाया रकम के चेक भी वसूले। इसी बीच एक और संदिग्ध बात सामने आई कि करीब तीन दिन पहले सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट से सभी फोटो और रील्स अचानक डिलीट कर दीं। इनमें वे पोस्ट भी शामिल थीं, जिनमें कारोबार की गद्दी संभालने पर परिचितों और दोस्तों ने उसे बधाई व शुभकामनाएं दी थीं। दवा बाजार के व्यापारियों ने पुलिस को बताया कि नियमों के तहत हर फर्म का 90 दिनों में नवीनीकरण होता है। अब तक फर्म के प्रोपराइटर विनीत मिनोचा थे, लेकिन उनके न रहने पर नवीनीकरण के दौरान स्वाभाविक रूप से सुब्रत का नाम दर्ज होना था। पुलिस अब इस वित्तीय और मालिकाना पहलू को भी अपनी जांच की अहम कड़ी मानकर चल रही है।

बंदिशों से आगे गहरी साजिश का शक, लेट नाइट पार्टी की भी पड़ताल पुलिस टीम अब तक सुब्रत के अलावा उसकी मां और बहन से कई चक्रों में पूछताछ कर चुकी है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि हत्या की वजह केवल बहू शालू पर पारिवारिक बंदिशें होना नहीं है, बल्कि इसके पीछे जायदाद या कारोबार से जुड़ी कोई गहरी साजिश हो सकती है। कारोबारियों के मुताबिक, दवा बाजार में हर महीने दो से तीन लेट नाइट पार्टियां होती हैं। 5 सितंबर की वारदात से ठीक पहले एक बड़े होटल में हुई ऐसी ही पार्टी में सुब्रत या शालू नहीं, बल्कि खुद विनीत मिनोचा शामिल हुए थे। साथियों का कहना है कि परिवार में कभी कोई मनमुटाव नजर नहीं आया था।

रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुआ था खूनी खेल कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-104 में 63 वर्षीय विनीत मिनोचा का खून से लथपथ शव मिला था। घटना के वक्त उनका बेटा और बहू बाहर पार्टी करने गए थे। भोर में 4:13 बजे जब वे लौटे तो विनीत का शव पड़ा मिला। उनके गले को रेता गया था और शरीर पर धारदार हथियार से 18 से ज्यादा वार किए गए थे। मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने गैलरी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें पूर्व कर्मचारी विशाल अपने साथी के साथ फ्लैट में आता-जाता कैद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को दबोचकर बहू समेत सलाखों के पीछे पहुंचाया था।

45 साल पुरानी फर्म के मालिक थे विनीत विनीत मिनोचा शहर के जाने-माने दवा कारोबारी थे और बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से करीब 45 वर्षों से उनकी फर्म संचालित हो रही है। परिवार में बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का मासूम पोता श्रीजय है। उनकी पत्नी पुनीता गाजियाबाद में मैरिज काउंसलर हैं और घटना से एक सप्ताह पहले ही वहां गई थीं, जबकि बेटी शुभानी और दामाद गुरुग्राम में इंजीनियर हैं। पुलिस अब हत्याकांड की हर महीन परत को उधेड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और सूत्रधार तो नहीं छिपा है।

 

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