
अमृतसर पंजाब के अमृतसर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए अज्ञात हमलावरों ने देर रात गश्त पर निकले एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। थाना गेट हकीमा क्षेत्र में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) हरजीत सिंह रात के वक्त अपनी मोटरसाइकिल से इलाके की निगरानी कर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। खून से लथपथ हालत में एएसआई को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस महकमे में इस सनसनीखेज वारदात के बाद भारी आक्रोश और शोक की लहर है।
दाना मंडी के पास रात के सन्नाटे में वारदात, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस मिली जानकारी के अनुसार, यह खूनी वारदात देर रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच अंजाम दी गई। एएसआई हरजीत सिंह थाना गेट हकीमा इलाके की दाना मंडी के आसपास बाइक से रूटीन पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन्हें निशाना बनाते हुए गोलियां बरसा दीं और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी की। हमलावरों की संख्या और उनके भागने की दिशा का सुराग लगाने के लिए आसपास की दुकानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फॉरेंसिक व तकनीकी टीमें भी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ ने ली हमले की जिम्मेदारी, जांच में जुटी एजेंसियां एएसआई हरजीत सिंह की शहादत के कुछ ही देर बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (टीटीएच) नामक संगठन ने इस कायराना हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अधिकारी अभी इस दावे की आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे संगठन के दावों के साथ-साथ निजी रंजिश और टारगेट किलिंग समेत तमाम कोणों से मामले की गहन तफ्तीश कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मई 2026 में भी अमृतसर में पंजाब पुलिस के एएसआई जोगा सिंह की हत्या हुई थी, उस समय भी इसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी, जिसकी पुलिस जांच जारी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जताया शोक, 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बहादुर पुलिसकर्मी हरजीत सिंह की शहादत पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब पुलिस के जांबाज जवान के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा। सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को कुल दो करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया, जिसमें एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी, जबकि एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि एचडीएफसी बैंक के बीमा कवर के तहत परिवार को सौंपी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हमलावरों को जल्द से जल्द दबोचकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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