नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का गहरा महत्व है। इसे केवल ईंट-पत्थरों और दिशाओं का विज्ञान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर की संरचना और बेडरूम की व्यवस्था का सीधा असर हमारे रिश्तों पर पड़ता है। खासकर पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी तकरार को दूर करने और रिश्तों में गहराई लाने के लिए वास्तु में कुछ बेहद प्रभावशाली और आसान उपाय बताए गए हैं।
रिश्तों में संतुलन लाती है ‘जोड़ी’ वाली वस्तुएं
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में चीजों का चयन और उनकी संख्या पति-पत्नी के व्यवहार को प्रभावित करती है। दांपत्य जीवन में समानता और आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए वस्तुओं को ‘पेयर’ या जोड़े में रखना बहुत शुभ माना जाता है।
-
समानता का प्रतीक: कमरे में हमेशा दो तकिए (Two Pillows) और दो समान लैंप या लाइटें होनी चाहिए।
-
डेकोरेशन का नियम: यदि आप सजावट के लिए कोई मूर्ति या शो-पीस रख रहे हैं, तो उसे अकेले रखने के बजाय जोड़े में रखें। मान्यता है कि इससे रिश्तों में ‘अकेलापन’ कम होता है और आपसी समझ बढ़ती है।
बेडरूम की व्यवस्था: सफाई ही है सुख की चाबी
वास्तु विज्ञान कहता है कि अव्यवस्था (Clutter) नकारात्मक ऊर्जा को जन्म देती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है।
-
टूटे सामान से दूरी: बेडरूम में कभी भी कोई टूटा हुआ शीशा, खराब घड़ी या जंग लगा इलेक्ट्रॉनिक सामान न रखें। यह आपसी कलह का कारण बन सकता है।
-
बेड के नीचे न हो कबाड़: अक्सर लोग बेड के नीचे जूते-चप्पल या पुराना सामान जमा कर देते हैं। वास्तु के अनुसार, इससे नींद में खलल पड़ता है और विचारों में नकारात्मकता आती है। बेड के सामने और नीचे का हिस्सा हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें।
सकारात्मक ऊर्जा के लिए रंगों और रोशनी का खेल
रिश्तों में मधुरता लाने के लिए कमरे का वातावरण शांत होना चाहिए।
-
हल्के रंगों का जादू: बेडरूम की दीवारों पर गहरे या भड़कीले रंगों के बजाय पेस्टल शेड्स, हल्का गुलाबी, क्रीम या आसमानी रंगों का प्रयोग करें। ये रंग मानसिक शांति देते हैं।
-
तस्वीरों का चुनाव: बेडरूम में कभी भी युद्ध, हिंसा या अकेलेपन वाली पेंटिंग न लगाएं। इसके बजाय राधा-कृष्ण की तस्वीर या शांत समुद्र और फूलों वाली फोटो लगाएं जो प्रेम और सकारात्मक भाव जगाएं।
दिशा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ध्यान
वास्तु में दिशा का विशेष महत्व है। बेडरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा को सबसे उत्तम माना गया है, क्योंकि यह स्थिरता का प्रतिनिधित्व करती है। इसके अलावा, सोते समय सिर दक्षिण दिशा की ओर रखना मानसिक स्थिरता के लिए अच्छा होता है। बेडरूम में बहुत अधिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी या कंप्यूटर रखने से बचें, क्योंकि इनकी विद्युत-चुंबकीय तरंगें नींद और शांति में बाधा डाल सकती हैं।
voice of india



