Tuesday , 21 April 2026

UP का सुपर एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे में, PM मोदी इस दिन करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की रफ्तार को नई उड़ान देने के लिए देश का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ अब पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अप्रैल को इस महापरियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं। यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की दूरियों को खत्म करेगा, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में भी ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है।

120 किमी की रफ्तार और सफर के समय में भारी कटौती

गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग के बेहतरीन तालमेल से तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड लिमिट है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज की दूरी तय करने में करीब 10 से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर मात्र 6 से 7 घंटे में सिमट जाएगा। इससे यात्रियों के समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।

यूपीडा का मास्टर प्लान: भविष्य में 8 लेन तक होगा विस्तार

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के एसीईओ हरि प्रताप शाही के मुताबिक, लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे फिलहाल छह लेन में बनाया गया है। हालांकि, इसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आठ लेन तक विस्तार देने का प्रावधान भी रखा गया है। इसका ‘राइट ऑफ-वे’ 120 मीटर चौड़ा है, जो सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करता है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति बनाए रखने के लिए पूरी परियोजना को चार समूहों में बांटकर विकसित किया गया है।

टोल प्लाजा और जन-सुविधाओं का आधुनिक जाल

यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर बेहतर प्रबंधन किया गया है। मेरठ और प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा के अलावा 19 रैम्प टोल प्लाजा बनाए गए हैं, ताकि अलग-अलग जिलों से आने-जाने वाले लोगों को जाम का सामना न करना पड़े। मार्ग में 9 बड़े जन-सुविधा परिसर (Way Side Amenities) तैयार किए गए हैं, जहां यात्रियों को पेट्रोल, खानपान, स्वच्छ शौचालय और विश्राम की सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, गंगा नदी पर 960 मीटर और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबे विशाल पुलों का निर्माण किया गया है, जो बाढ़ के खतरों को झेलने में सक्षम हैं।

शाहजहांपुर में बनी हवाई पट्टी: सामरिक रूप से बेहद अहम

गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी एक आधुनिक हवाई पट्टी तैयार की गई है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने यहां पहले ही आपातकालीन लैंडिंग का सफल परीक्षण कर लिया है। किसी भी युद्ध या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए यह एक्सप्रेसवे एक ‘बैकअप एयरबेस’ के रूप में कार्य करेगा।

विकास का नया इंजन: कृषि और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार को उम्मीद है कि इस एक्सप्रेसवे के जरिए पश्चिमी यूपी के औद्योगिक हब और पूर्वी यूपी के कृषि क्षेत्रों का सीधा मिलन होगा। किसान अपनी फसलें कम समय में दिल्ली और एनसीआर के बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। साथ ही, इस रूट पर पड़ने वाले धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटन बढ़ेगा। औद्योगिक गलियारे विकसित होने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

Check Also

UP Board Result 2026: खत्म होने वाला है 55 लाख छात्रों का इंतजार, जानें कब और कैसे देख पाएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए …