Tuesday , 16 June 2026

अहमदाबाद से ग्राउंड रिपोर्ट: NEET-UG री-एग्जाम से पहले ‘पेपर लीक’ के नाम पर महाठगी; राजस्थान-बिहार से 3 शातिर गिरफ्तार, 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार

अहमदाबाद:  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली नीट-यूजी (NEET-UG 2026) की री-परीक्षा से ठीक पहले देश के सबसे बड़े ऑनलाइन एजुकेशन स्कैम का पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे हाईटेक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम का असली पेपर एडवांस में दिलाने के नाम पर देश के हजारों मासूम छात्रों और उनके अभिभावकों को अपना शिकार बना रहा था। साइबर पुलिस ने इस मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में मचे पेपर लीक विवाद का फायदा उठाया और 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता को जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

टेलीग्राम और 44 फर्जी वेबसाइटों का जाल; 15 से 80 हजार में बेचते थे नकली पेपर

गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए राजस्थान के दो आरोपी सुमेर सिंह मीना और आकाश मीना बेहद शातिर तरीके से इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि इन ठगों ने सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर 8 बड़े चैनल्स और इंटरनेट पर करीब 44 फर्जी वेबसाइट्स बना रखी थीं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ये दावा करते थे कि इनके पास 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम और अन्य सरकारी परीक्षाओं के 1000% असली प्रश्नपत्र मौजूद हैं।

ये आरोपी नीट परीक्षा का पेपर देने के बदले प्रति छात्र 15,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये तक वसूलते थे। जब छात्र इन्हें पैसे ट्रांसफर कर देते, तो ये उन्हें पुराने सालों के प्रश्नपत्र या किसी कोचिंग सेंटर की नकली उत्तर कुंजी (Answer Key) थमाकर ब्लॉक कर देते थे।

बिहार का नवीन यादव निकला ‘पासवर्ड हैकर’, 150 छात्रों का रिफंड उड़ाया

इस गैंग का दूसरा सिरा बिहार से जुड़ा है, जहां से पुलिस ने नवीन यादव नाम के एक अन्य आरोपी को दबोचा है। बीएससी (B.Sc) तक पढ़ाई कर चुका नवीन यादव ठगी के एक बिल्कुल अलग और खतरनाक तरीके पर काम कर रहा था। वह नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को मिलने वाली ‘एग्जाम फीस रिफंड’ को अपना निशाना बना रहा था।

नवीन सबसे पहले झांसा देकर नीट अभ्यर्थियों के ऑफिशियल लॉगिन क्रेडेंशियल्स (यूजर आईडी और पासवर्ड) हासिल करता था। इसके बाद वह स्टूडेंट्स के अकाउंट का पासवर्ड बदलकर प्रोफाइल में अपना बैंक खाता नंबर फीड कर देता था। परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से जो भी रिफंड राशि जारी की जा रही थी, वह सीधे छात्रों के बजाय नवीन के खाते में ट्रांसफर हो रही थी। वह अब तक करीब 150 से अधिक छात्रों के रिफंड के पैसे पूरी तरह हजम कर चुका है।

फर्जी स्क्रीनशॉट से जीतते थे भरोसा; ’70-80% सवाल फंसने’ का करते थे दावा

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के मुताबिक, ये आरोपी बेहद शातिर तरीके से छात्रों का मनोवैज्ञानिक फायदा उठाते थे। अपने टेलीग्राम चैनलों और वेबसाइटों पर ये लोग फेक ऑनलाइन पेमेंट के स्क्रीनशॉट और छात्रों के नाम से बनाए गए फर्जी ‘थैंक यू’ (धन्यवाद) मैसेज पोस्ट करते थे।

चैनलों पर बकायदा ग्राफिक्स बनाकर यह झूठा दावा भी किया जाता था कि ‘हमारे द्वारा पहले दिए गए लीक पेपरों से मुख्य परीक्षा में 70 से 80 फीसदी सवाल हूबहू फंसे थे।’ इस सुनियोजित जाल और फर्जी रिव्यूज को देखकर नीट की तैयारी कर रहे तनावग्रस्त छात्र और उनके परेशान माता-पिता आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे और अपनी गाढ़ी कमाई इनके खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

ऑनलाइन गेमिंग खातों का इस्तेमाल: ऐसे छिपाते थे ब्लैक मनी का लेन-देन

साइबर पुलिस के तकनीकी विश्लेषकों ने जब इन आरोपियों के बैंक खातों की कड़ियां जोड़ीं, तो एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ये ठग पुलिस और बैंकिंग सर्विलांस (निगरानी) से बचने के लिए सीधे अपने मुख्य बैंक खातों में पैसे नहीं मंगाते थे। इसके बजाय इन्होंने कई नामी ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों (Gaming Websites) पर फर्जी नामों से अकाउंट खोल रखे थे।

छात्रों से वसूली गई रकम को सबसे पहले इन गेमिंग वॉलेट्स में जमा कराया जाता था। इसके बाद कई घुमावदार ट्रांजेक्शन और गेमिंग एक्टिविटीज का नाटक करके इस रकम को सफेद (White Money) बनाकर मुख्य बैंक खातों से निकाल लिया जाता था।

राहत की खबर: कोई असली पेपर लीक नहीं हुआ, सिर्फ चल रहा था फ्रॉड

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने देश के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि इस गिरोह ने किसी भी परीक्षा का वास्तविक या असली पेपर लीक नहीं किया था। देश की सुरक्षा एजेंसियां और एनटीए पूरी तरह अलर्ट हैं। यह गैंग सिर्फ नीट परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद और छात्रों के डर का फायदा उठाकर विशुद्ध रूप से ठगी (Online Fraud) को अंजाम दे रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैंक खातों को फ्रीज कर यह पता लगाने में जुटी है कि इन्होंने कुल कितने करोड़ रुपये की चपत लगाई है।

21 जून को होने वाले री-एग्‍जाम में NTA ने किए बड़े बदलाव, अब मिलेगा ज्यादा समय

आपको बता दें कि इस साल नीट-यूजी 2026 परीक्षा देशव्यापी पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसकी दोबारा परीक्षा (Re-Exam) अब 21 जून को आयोजित होने जा रही है। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा पैटर्न में कुछ महत्वपूर्ण और छात्र-हितैषी बदलाव किए हैं।

एनटीए द्वारा जारी नए आधिकारिक नोटिस के अनुसार, छात्रों के तनाव को कम करने के लिए परीक्षा का समय अब 180 मिनट (3 घंटे) से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया गया है। यानी छात्रों को अब 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके साथ ही, उम्मीदवारों की सुविधा के लिए आंसर शीट (OMR Sheet) और बुकलेट में रफ वर्क (Rough Work) करने के लिए खाली जगह को भी पहले से काफी बढ़ा दिया गया है ताकि पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराई जा सके।

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