लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। प्रकृति के इस रौद्र रूप के कारण पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में अब तक 63 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 38 जिलों में आंधी, बारिश और आसमानी बिजली का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन को आशंका है कि जैसे-जैसे ग्रामीण इलाकों से जानकारी मिल रही है, मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
100 किमी की रफ्तार से चली ‘मौत की हवा’
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम और राजस्थान से आई पूरवा हवाओं के मेल ने प्रदेश में तबाही का मंजर पैदा किया। कई जिलों में हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने शाम होते-होते विकराल तूफान का रूप ले लिया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। प्रयागराज, उन्नाव और बांदा जैसे जिलों में भारी बारिश के साथ बड़े ओले भी गिरे।
प्रयागराज और भदोही में भारी नुकसान
तूफान का सबसे घातक असर प्रयागराज में देखने को मिला, जहां तहसील हंडिया, फूलपुर और मेजा समेत विभिन्न इलाकों में कुल 17 लोगों की जान चली गई। मृतकों में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वहीं भदोही में 10, फतेहपुर में 8 और उन्नाव में 7 लोगों की मौत हुई है। बदायूं, बरेली और सीतापुर से भी जनहानि की खबरें आई हैं। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सड़कों पर खड़ी कारें पेड़ों के नीचे दब गईं और भारी-भरकम यूनिपोल तिनके की तरह उड़ गए।
ब्लैकआउट और यातायात ठप
तेज आंधी के कारण प्रदेश के दर्जनों जिलों में सैकड़ों बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर उखड़ गए, जिससे घंटों तक ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति बनी रही। सड़कों पर विशालकाय पेड़ गिरने से लखनऊ-प्रयागराज और अन्य प्रमुख मार्ग बाधित रहे। उन्नाव में एक 9 वर्षीय मासूम की पेड़ गिरने से मौत हो गई, जबकि कई गंभीर घायलों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
अगले 48 घंटे भारी, फिर शुरू होगा ‘लू’ का टॉर्चर
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले एक-दो दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। विभाग ने 38 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी है। हालांकि, 15 मई से मौसम फिर पलटी मारेगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी होगी और पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल मदद के निर्देश
भीषण त्रासदी को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।
voice of india
