नई दिल्ली/लखनऊ। भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के थपेड़ों से झुलस रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज से 30 अप्रैल के बीच मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आने वाला है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
उत्तर प्रदेश: आंधी-तूफान के साथ गिरेगी बिजली, यलो अलर्ट जारी
यूपी में पिछले कई दिनों से पारा 42-44 डिग्री के पार बना हुआ था, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राहत के संकेत हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धूल भरी आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है।
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स्कूलों के लिए निर्देश: गर्मी के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही स्कूलों के समय में बदलाव और बच्चों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
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सावधानी की अपील: विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
दिल्ली-NCR में यलो अलर्ट: 29 अप्रैल को दिखेगा सबसे ज्यादा असर
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार से गुरुवार तक के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया था, लेकिन अब धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश से लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत मिलेगी। विशेष रूप से 29 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में मौसम में सबसे ज्यादा तब्दीली देखी जा सकती है।
पहाड़ों पर ओलावृष्टि और दक्षिण में भारी बारिश
मौसम का यह बदलाव केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है:
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पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है।
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दक्षिण भारत: तमिलनाडु के नीलगिरी और कोयंबटूर जैसे जिलों में 30 अप्रैल को भारी बारिश का अनुमान है।
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विदर्भ में अभी राहत नहीं: जहां एक तरफ उत्तर भारत ठंडा होगा, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ (नागपुर, अकोला) में पारा 45 से 47 डिग्री के बीच बना रह सकता है, जिससे वहां लू का सितम जारी रहेगा।
खराब मौसम में क्या करें और क्या न करें?
मौसम विशेषज्ञों ने अचानक आने वाले आंधी-तूफान के मद्देनजर कुछ सुरक्षा सुझाव साझा किए हैं:
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: बिजली कड़कने के दौरान टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरणों को सॉकेट से हटा दें।
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जल निकाय: बारिश और तूफान के समय तालाबों, नदियों या स्विमिंग पूल से दूर रहें।
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कमजोर ढांचे: तेज हवाओं के दौरान पुराने मकानों, होर्डिंग्स या टिन शेड के नीचे खड़े न हों।
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हाइड्रेशन: तापमान गिरने के बावजूद शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
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