लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देते हुए प्रदेश भर में लगे स्मार्ट मीटरों को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद अब उत्तर प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड पर संचालित किया जाएगा। इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को अब पहले पैसे चुकाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे बिजली इस्तेमाल करने के बाद ही बिल का भुगतान करेंगे।
प्रीपेड की झंझट से मुक्ति, पोस्टपेड का दौर शुरू
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (A.K. Sharma) ने बताया कि आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों से बचाना और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। अब उपभोक्ताओं को बिजली खत्म होने पर अचानक होने वाली कटौती से डरने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उन्हें महीने के अंत में खपत के अनुसार बिल भेजा जाएगा।
शिकायतों के समाधान के लिए लगेंगे विशेष कैंप
बिजली बिलों में आ रही गड़बड़ी और स्मार्ट मीटर की तकनीकी शिकायतों को लेकर सरकार अब आर-पार के मूड में है। ऊर्जा मंत्री ने घोषणा की है कि 15 मई से 30 जून तक प्रदेश भर के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष शिकायत निस्तारण कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में उपभोक्ताओं की हर छोटी-बड़ी समस्या का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
हेल्प डेस्क से सुधरेगा आपका बिजली बिल
योगी सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कार्यालय में एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। यहां न केवल बिल संशोधन का काम होगा, बल्कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जाएगा। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि योगी सरकार का यह कदम सुशासन और जनसुविधा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे न केवल जनता को राहत मिलेगी, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी।
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