लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में आज का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 8 नए चेहरों को टीम में शामिल किया है। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब यूपी सरकार का स्वरूप बदल गया है। इस विस्तार को केवल विभागों का बंटवारा नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी का ‘ब्रह्मास्त्र’ माना जा रहा है। सियासी जानकारों की मानें तो इस कदम से भाजपा ने विपक्ष के ‘PDA’ फॉर्मूले की काट खोज ली है।
सामाजिक संतुलन पर जोर, विभागों में हो सकता है बड़ा फेरबदल
योगी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का खास ख्याल रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों के आने के बाद अब कई पुराने और मौजूदा मंत्रियों के विभागों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि 2027 की चुनावी जंग फतह करने के लिए जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करना और हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य है। यही वजह है कि शपथ लेने वाले चेहरों में अनुभव और युवा ऊर्जा का मेल देखा जा रहा है।
PDA के चक्रव्यूह को तोड़ने की तैयारी
विपक्ष जिस ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण के सहारे भाजपा को घेरने की रणनीति बना रहा था, योगी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के जरिए उसे सीधा जवाब दिया है। नए मंत्रिमंडल में पिछड़ों और दलितों को खास तवज्जो देकर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सभी वर्गों के साथ खड़ी है। 8 नए मंत्रियों के जरिए भाजपा ने उन जातियों तक पहुंच बनाई है, जो आगामी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
इन दिग्गजों ने ली मंत्री पद की शपथ
राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 चेहरों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिनका विवरण निम्नलिखित है:
कैबिनेट मंत्री के रूप में:
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भूपेंद्र सिंह चौधरी: संगठन में लंबा अनुभव और मजबूत क्षेत्रीय पकड़।
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मनोज पांडेय: ब्राह्मण चेहरे के रूप में बड़ा दांव।
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अजीत सिंह पाल: पिछड़ा वर्ग में पैठ मजबूत करेंगे।
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सोमेंद्र तोमर: पश्चिम यूपी के समीकरणों को साधने की जिम्मेदारी।
राज्य मंत्री के रूप में:
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कृष्णा पासवान: दलित वर्ग का सशक्त प्रतिनिधित्व।
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कैलाश सिंह राजपूत: लोध वोट बैंक को साधने की कोशिश।
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सुरेंद्र दिलेर: हाथरस और आसपास के क्षेत्रों में प्रभाव।
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हंसराज विश्वकर्मा: पूर्वांचल और पिछड़े समाज में पकड़।
इस विस्तार के बाद अब योगी आदित्यनाथ की ‘टीम 2.0’ पूरी तरह एक्शन मोड में है। आने वाले दिनों में जब विभागों का बंटवारा होगा, तो स्पष्ट हो जाएगा कि किस मंत्री को 2027 के लिए कौन सी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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