Wednesday , 22 April 2026

“नेताओं समेत देश को उड़ा देंगे”: ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर, लेकिन ईरान को दी अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी

वॉशिंगटन: दुनिया की धड़कनें थाम देने वाले अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। यह घोषणा मौजूदा सीजफायर की समय सीमा खत्म होने के महज चंद घंटों पहले की गई। ट्रंप के इस फैसले से फिलहाल पूर्ण युद्ध की आशंका टल गई है, लेकिन शांति की इस खबर के साथ ही ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कठोर चेतावनी भी दे डाली है। ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान अब सिर्फ अपनी ‘इज्जत बचाने’ की कोशिश कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: “ईरान की गर्दन हमारे हाथ में”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान की आर्थिक रग पर वार करते हुए पोस्ट किया। ट्रंप ने लिखा, “ईरान कभी नहीं चाहेगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो। वे चाहते हैं कि यह खुला रहे ताकि वे रोजाना 500 मिलियन डॉलर कमा सकें। अगर यह बंद होता है, तो उन्हें भारी वित्तीय नुकसान होगा।” ट्रंप ने आगे दावा किया कि होर्मुज पर उन्होंने पहले ही ‘पूरी तरह से ब्लॉक’ (नाकेबंदी) कर रखा है, और ईरान केवल अपनी इज्जत बचाने के लिए इसे बंद करने की धमकियां दे रहा है।

“नेताओं समेत पूरे देश को उड़ा देंगे” – ट्रंप का आक्रामक तेवर

ट्रंप ने अपने पोस्ट में एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि चार दिन पहले कुछ लोग उनके पास आए थे और कहा था कि ईरान तुरंत इस जलडमरूमध्य को खुलवाना चाहता है। इस पर ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अगर हम अभी इसे खोल देते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई ठोस डील नहीं हो पाएगी। जब तक हम उनके बाकी देश को, उनके नेताओं समेत, उड़ा न दें, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है!” ट्रंप का यह बयान ईरान के शीर्ष नेतृत्व के लिए सीधा अल्टीमेटम माना जा रहा है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और सीजफायर पर फैसला

आखिर ट्रंप युद्धविराम बढ़ाने को तैयार कैसे हुए? इसके पीछे पड़ोसी देश पाकिस्तान की भूमिका सामने आई है। ट्रंप ने बताया, “ईरान की सरकार फिलहाल गंभीर रूप से विभाजित है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे सीजफायर बढ़ाने का व्यक्तिगत आग्रह किया था।” ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के नेता एकमत होकर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लाते, तब तक अमेरिका हमला नहीं करेगा।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ली राहत की सांस

ईरान की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका के सख्त रुख के बीच इस फैसले ने वैश्विक बाजार और कूटनीतिक हलकों में राहत पहुंचाई है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकेबंदी अभी भी जारी है, जो ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए गले की फांस बनी हुई है। पूरी दुनिया अब तेहरान के अगले कदम का इंतजार कर रही है कि क्या वह झुककर कोई समझौता करेगा या फिर टकराव का नया रास्ता चुनेगा।

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