नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम बड़े शहरों में आम जनता की रसोई का बजट एक बार फिर पूरी तरह से बिगड़ गया है। भीषण गर्मी और बेमौसम बारिश की दोहरी मार के कारण आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों में अचानक जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। दिल्ली-NCR में जहां टमाटर के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं, वहीं देश भर में जून के महीने में ही टमाटर की औसत कीमतों में 18 फीसदी का बड़ा उछाल आया है। दूसरी तरफ, प्याज और आलू भी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जियों के दामों में आई इस तेजी का सीधा असर जून महीने की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) और खाद्य महंगाई (Food Inflation) के आंकड़ों पर देखने को मिलेगा।
सरकारी आंकड़ों में खुली पोल: आसमान पर पहुंचे सब्जियों के दाम
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Ministry of Consumer Affairs) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने देश में बढ़ती महंगाई की तस्दीक कर दी है। सरकारी डेटा के मुताबिक, पिछले महज एक महीने के भीतर:
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टमाटर: देश भर में इसकी औसत रिटेल (खुदरा) कीमत में 18% का इजाफा हुआ है।
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प्याज: खुदरा बाजारों में प्याज के दाम औसतन 11% तक बढ़ गए हैं।
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आलू: आलू की कीमतों में भी 1.3% की आंशिक वृद्धि दर्ज की गई है।
यदि साल-दर-साल (Year-on-Year) के आधार पर तुलना करें, तो टमाटर की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 25% और प्याज की कीमतें 3.3% महंगी हैं। हालांकि, राहत की बात सिर्फ यह है कि आलू के दाम पिछले साल की तुलना में फिलहाल 17% कम हैं। आपको बता दें कि देश के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में इन तीनों मुख्य सब्जियों की कुल हिस्सेदारी 1.75% है, जिससे इनकी कीमतों में मामूली बदलाव भी देश की कुल महंगाई दर को प्रभावित करता है।
भीषण गर्मी और अल-नीनो ने बिगाड़ा खेल, दिल्ली में हाहाकार
इस बार देश में पड़ी रिकॉर्डतोड़ और समय से ज्यादा लंबी खिंची भीषण गर्मी ने फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में टमाटर की कीमतें 50% तक उछल चुकी हैं। वहीं, दिल्ली की मंडियों और खुदरा बाजारों में टमाटर के दाम लगभग 100% (दोगुने) महंगे हो चुके हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अल-नीनो के प्रभाव और मानसूनी बारिश में देरी के कारण पड़ी झुलसाने वाली गर्मी ने टमाटर की बेहद नाजुक फसल को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है, जिससे मंडियों में इसकी आवक (सप्लाई) ठप हो गई है।
स्टोरेज की क्वालिटी खराब होने से प्याज की कीमतों में 20% तक उछाल
टमाटर के साथ-साथ प्याज भी अब उपभोक्ताओं को रुलाने लगा है। कई राज्यों में हुई बेमौसम बारिश के कारण गोदामों और कोल्ड स्टोरेज में रखी प्याज की क्वालिटी पर बहुत बुरा असर पड़ा, जिससे बड़े पैमाने पर प्याज खराब हो गई। इसके चलते देश के कई राज्यों में प्याज के दाम 10% से 20% तक बढ़ चुके हैं। आमतौर पर मानसून के आगमन, देश में उसके फैलाव और रफ्तार के आधार पर इस मौसम में प्याज और टमाटर के दामों में मौसमी उतार-चढ़ाव (Seasonal Spike) आता है, लेकिन इस बार गर्मी के प्रकोप ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया है।
क्यों रुक गई सप्लाई? आने वाले दिनों में और जेब ढीली होने के आसार
दिल्ली की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी के प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने इस संकट पर रोशनी डालते हुए कहा कि मंडियों में केवल माल की सप्लाई ही कम नहीं हुई है, बल्कि अत्यधिक तापमान के कारण टमाटर का दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) करना भी बेहद मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी की वजह से टमाटर रास्ते में ही जल्दी पककर सड़ रहे हैं। वर्तमान में राजस्थान और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने वाली टमाटर की गाड़ियां बहुत कम हो गई हैं। मंडियों के जानकारों और आर्थिक विश्लेषकों का साफ कहना है कि जब तक देश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय होकर मौसम को ठंडा नहीं करता, तब तक आने वाले दिनों में आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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