Thursday , 7 May 2026

केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव….स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार क्षेत्र के लिए हुईं कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

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नई दिल्‍ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव रखा है।

उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम 5 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।

सीतारमण ने कहा कि हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड सीआईई की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का भी बजट में प्रस्ताव रखा गया है।

सीतारमण ने पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।

केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार क्षेत्र के लिए हुईं कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह कृतिम बौद्धिकता (एआई) समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख एएचपी जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।

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