चेन्नई। दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनीति के सिकंदर बने थलापति विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में अपना परचम लहरा दिया है। मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान भारी बहुमत से विश्वासमत हासिल कर लिया है। विजय के पक्ष में कुल 144 वोट पड़े, जबकि विपक्षी दल डीएमके (DMK) ने सदन की कार्यवाही का पूरी तरह बहिष्कार किया। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा जरूरी था, लेकिन विपक्ष के वॉकआउट और अन्नाद्रमुक (AIADMK) में पड़ी फूट ने विजय की राह को बेहद आसान बना दिया।
बहुमत परीक्षण महज औपचारिकता, DMK का बहिष्कार
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया। सत्ता के इस रण में 59 विधायकों वाली डीएमके ने वोटिंग में हिस्सा लेने के बजाय सदन से बाहर जाना बेहतर समझा। विपक्ष की अनुपस्थिति में बहुमत का प्रभावी आंकड़ा और भी कम हो गया, जिससे विजय का शक्ति परीक्षण महज एक औपचारिकता बनकर रह गया। चुनावी नतीजों में विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी।
दो धड़ों में बंटी AIADMK, विजय को मिला बागी गुट का साथ
फ्लोर टेस्ट के दौरान सबसे चौंकाने वाला नजारा अन्नाद्रमुक (AIADMK) के खेमे में दिखा। पार्टी महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने जहां विजय सरकार के विरोध का आह्वान किया था, वहीं पार्टी के कद्दावर नेता एस. पी. वेलुमणि ने बगावत करते हुए टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। नतीजा यह रहा कि अन्नाद्रमुक के 24 विधायकों ने थलापति विजय के पक्ष में मतदान किया। वहीं, पार्टी के 5 विधायक तटस्थ रहे और एक विधायक गैरहाजिर रहा।
गठबंधन और छोटी पार्टियों का ‘सुपरस्टार’ को मिला सहारा
थलापति विजय को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने में कांग्रेस (5 सीटें), सीपीआई, सीपीएम, वीसीके (VCK), आईयूएमएल (IUML) और एएमएमके (AMMK) का अहम योगदान रहा। इन सभी दलों ने एकजुट होकर विजय सरकार के समर्थन में वोट डाला। दिलचस्प बात यह रही कि उधगमंडलम से भाजपा के इकलौते विधायक भोजराजन एम और पीएमके (PMK) के 4 विधायकों ने वोटिंग के दौरान ‘तटस्थ’ (Neutral) रहने का फैसला किया।
4 मई के नतीजों के बाद विजय युग की शुरुआत
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद 4 मई को आए नतीजों ने राज्य की सियासत को पूरी तरह बदल दिया है। डीएमके की 59 और अन्नाद्रमुक की 47 सीटों के मुकाबले 108 सीटों के साथ टीवीके ने जो बढ़त बनाई थी, उसे आज विश्वासमत जीतकर विजय ने पुख्ता कर दिया है। ‘थलापति’ अब तमिलनाडु की कमान संभालते हुए एक नई पारी की शुरुआत कर चुके हैं।
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