Wednesday , 13 May 2026

NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: नासिक से मेडिकल छात्र शुभम खैरनार गिरफ्तार, मध्य प्रदेश की यूनिवर्सिटी से जुड़ा कनेक्शन

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। इस बार पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक से डॉ. शुभम खैरनार नाम के एक आरोपी को हिरासत में लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि शुभम खुद एक मेडिकल छात्र है, जो इस पूरे सिंडिकेट में ‘अंदरूनी सूत्र’ की भूमिका निभा रहा था।

मध्य प्रदेश की यूनिवर्सिटी से सामने आया लिंक

शुभम खैरनार का संबंध मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी से जुड़ा पाया गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, शुभम ने साल 2021 में इस यूनिवर्सिटी के BAMS (आयुर्वेद चिकित्सा) कोर्स में एडमिशन लिया था। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी से पल्ला झाड़ लिया है।

यूनिवर्सिटी का बयान: ‘एडमिशन लिया पर कभी कॉलेज नहीं आया’

श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी के कुलपति मुकेश तिवारी ने मीडिया को बताया कि शुभम ने दाखिला तो लिया था, लेकिन उसके बाद उसकी शैक्षणिक उपस्थिति (Attendance) शून्य रही। वह कभी क्लास अटेंड करने कॉलेज नहीं पहुंचा। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि शुभम शायद काफी समय से मेडिकल कोटे और परीक्षाओं से जुड़े किसी संगठित नेटवर्क या ‘मुन्नाभाई गैंग’ के लिए काम कर रहा था।

क्यों खास है शुभम खैरनार की गिरफ्तारी?

जांच अधिकारियों का मानना है कि शुभम खैरनार इस पेपर लीक कांड की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • मेडिकल बैकग्राउंड: चूंकि वह खुद मेडिकल छात्र रहा है, उसे परीक्षा की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की कमियों के बारे में अच्छी जानकारी थी।

  • सप्लाई चेन की पहचान: उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि पेपर लीक का मुख्य सोर्स क्या था और यह किन माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाया गया।

  • नेटवर्क विस्तार: जांच में संकेत मिले हैं कि इस रैकेट के तार हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र (पुणे, लातूर, नासिक) तक फैले हुए हैं।

छात्रों की मिलीभगत से जांच हुई और भी गंभीर

NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में एक मेडिकल छात्र का आरोपी के रूप में सामने आना तंत्र की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। नासिक से हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या शुभम जैसे और भी छात्र इस रैकेट में ‘सॉल्वर’ या ‘एजेंट’ के तौर पर काम कर रहे थे। आने वाले दिनों में शुभम से पूछताछ के आधार पर कई बड़े सफेदपोश चेहरों और संस्थानों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

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