चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में आज एक नया इतिहास रचा गया। अभिनय की दुनिया से राजनीति के अखाड़े में उतरे ‘थलपति’ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह में जनसैलाब उमड़ पड़ा। विजय के इस ‘राजतिलक’ ने राज्य के दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक किले को ढहाते हुए एक नई इबारत लिख दी है।
विजय की ‘मौन क्रांति’ और बहुमत का कठिन रास्ता
अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया था। विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने 234 में से 108 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव प्राप्त किया। हालांकि, बहुमत के 118 के आंकड़े तक पहुंचना विजय के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। विजय ने खुद दो सीटों (पेरांबुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट) से जीत दर्ज की थी, जिसके चलते तकनीकी रूप से पार्टी के पास 107 विधायक थे।
गठबंधन की बिसात: कैसे पार हुई ‘बहुमत’ की नौका?
DMK और AIADMK के गढ़ को ध्वस्त करने के बाद विजय को निर्दलीय और छोटे दलों के सहयोग की जरूरत थी। कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़ विजय को 5 विधायकों का समर्थन दिया, जिससे आंकड़ा 112 तक पहुंचा। इसके बाद वामपंथी दलों (CPI और CPM) ने 2-2 सीटें देकर समर्थन की संख्या 116 कर दी। अंतिम क्षणों में ‘विदुथलाई चिरुथईगल काची’ (VCK) और IUML के बिना शर्त समर्थन ने विजय की जीत सुनिश्चित की। कुल 121 विधायकों के समर्थन के साथ विजय ने जादुई आंकड़ा पार कर सरकार बनाई।
समारोह में ‘स्पेशल गेस्ट’ तृषा कृष्णन ने खींचा ध्यान
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राजनीतिक हलचलों के बीच ग्लैमर का तड़का भी लगा। विजय की कथित गर्लफ्रेंड और मशहूर अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं। हल्के नीले रंग की साड़ी, जूड़े में मल्लिका के फूलों का गजरा और सादगी भरे अंदाज में तृषा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी मौजूदगी ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
TVK ने जताया आभार: “सत्ता का सबसे बड़ा स्थानांतरण”
विजय की पार्टी के महासचिव आधव अर्जुन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर VCK प्रमुख थोल तिरुमावलवन का आभार जताया। उन्होंने इस जीत को ‘मौन क्रांति’ बताते हुए लिखा कि यह तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता का सबसे बड़ा स्थानांतरण है। VCK के दो विधायकों के आधिकारिक समर्थन पत्र मिलने के साथ ही विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। अब थलपति विजय के सामने अपनी फिल्मी लोकप्रियता को जमीनी विकास में बदलने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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