Wednesday , 9 September 2026

Tamil Nadu Politics: सीएम विजय के खिलाफ AIADMK का बड़ा दांव, धुर विरोधी DMK को दिया साथ आने का खुला चैलेंज; सियासी हलचल तेज

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों जबर्दस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलागा वेत्री कझगम’ (टीवीके) की सरकार को घेरने के लिए विपक्षी खेमा लामबंद होने की जुगत में है। इस सियासी जंग में अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (एआईएडीएमके) ने अपने धुर विरोधी दल एमके स्टालिन की द्रमुक (डीएमके) को साथ आने का खुला चैलेंज देकर राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। एआईएडीएमके ने यह भी साफ कर दिया है कि सत्ताधारी टीवीके के खिलाफ अन्य नए दल भी उनके मंच से हाथ मिला सकते हैं। हालांकि, इस सीधी चुनौती पर डीएमके की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

‘क्या डीएमके आएगी?’—पलनीस्वामी का सीधा सवाल पूर्व मुख्यमंत्री एडापड्डी के. पलनीस्वामी (ईपीएस) से जब टीवीके के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि वे टीवीके के विरोध में पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दल इसमें जुड़ना चाहते हैं, उनका स्वागत है। वर्तमान गठबंधन बरकरार रहेगा और अन्य नए दलों के लिए भी दरवाजे खुले हैं। इसी दौरान उन्होंने ताल ठोकते हुए डीएमके को चुनौती दी और पूछा, “अगर नए दल आना चाहें तो आ सकते हैं, लेकिन क्या डीएमके आएगी? क्या आप उनसे यह सवाल पूछ सकते हैं?”

विधायकों के दल-बदल से गरमाई राज्य की राजनीति तमिलनाडु में राजनीतिक पारा तब चढ़ा, जब विधानसभा चुनावों के बाद एआईएडीएमके के छह विधायक पाला बदलकर विजय की टीवीके में चले गए। इसके बाद एआईएडीएमके के बचे हुए विधायकों में भी दो फाड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, डीएमके नेता आरएस भारती ने जून में गठबंधन की बात को टालते हुए भी यह कहा था कि भविष्य में यदि डीएमके और एआईएडीएमके साथ आ जाएं, तो इसमें कोई हर्ज नहीं होगा। दूसरी तरफ, अगस्त में एमके स्टालिन ने वापसी का दावा करते हुए मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसा था कि वे विधानसभा को किसी फिल्म का सेट समझकर केवल डायलॉगबाजी कर रहे हैं।

सहयोगियों के साथ टीवीके की समन्वय बैठक, वाम दलों ने बनाई दूरी इस राजनीतिक घेराबंदी के बीच टीवीके बुधवार को चेन्नई में अपने सहयोगी दलों के साथ दूसरी अहम समन्वय बैठक करने जा रही है। इस बैठक में गठबंधन को औपचारिक रूप देने, साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने, संचालन समिति के गठन और मोर्चे के आधिकारिक नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है। कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और एमडीएमके के इसमें शामिल होने की संभावना है, जबकि माकपा और भाकपा ने इस बैठक से दूरी बनाकर अपने तेवर साफ कर दिए हैं।

2029 की पीएम दावेदारी पर कांग्रेस से मतभेद गठबंधन की इस कवायद के बीच टीवीके और कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान भी सतह पर आ गई है। टीवीके के कुछ नेताओं द्वारा साल 2029 के लोकसभा चुनाव में विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है, जबकि कांग्रेस राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का स्वाभाविक चेहरा मानती है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख टीवीके नेतृत्व ने सफाई देते हुए ‘विजय फॉर पीएम’ की मांग को कुछ नेताओं की व्यक्तिगत राय बताकर मामले को शांत करने की कोशिश की है।

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