बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में जारी मानसून की भारी बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बुलंदशहर के खुर्जा इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते एक मस्जिद की भारी-भरकम बाउंड्रीवॉल (सीमांकन दीवार) अचानक भरभराकर ढह गई। इस दीवार के मलबे की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल है। वहीं, परिवार के 3 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आला अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया और मलबे को हटाने का काम जारी है।
मस्जिद की दीवार के पास टेंट लगाकर सो रहा था परिवार
यह दुखद हादसा बुलंदशहर के थाना खुर्जा नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मूंडाखेड़ा के मुख्य मार्ग पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, गांव के मुख्य रास्ते पर स्थित मस्जिद की दीवार के ठीक पास एक गरीब परिवार टेंट लगाकर रह रहा था। यह परिवार मेलों और बाजारों में बच्चों का ‘जंपिंग झूला’ लगाकर अपना गुजर-बसर करता था। बीते दो दिनों से बुलंदशहर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते यह दीवार पूरी तरह सीलन की चपेट में आकर कमजोर हो चुकी थी। गुरुवार-शुक्रवार की रात जब परिवार टेंट के भीतर सो रहा था, तभी अचानक दीवार उनके ऊपर आ गिरी और परिवार के 6 सदस्य मलबे में जिंदा दफन हो गए।
खुर्जा सीओ ने दी आधिकारिक पुष्टि: मलबे से निकाले गए शव
घटना की भयावहता को बयां करते हुए खुर्जा के क्षेत्राधिकारी (CO) शोभित कुमार अत्री ने बताया:
“मूंडाखेड़ा गांव में भारी बारिश के कारण दीवार गिरने की एक बेहद दुखद दुर्घटना हुई थी। इस मलबे के नीचे कुल 6 लोग दब गए थे। स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से तत्काल रेस्क्यू शुरू किया गया। मलबे से निकाले जाने के दौरान ही दो लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि 4 अन्य घायलों को नाजुक हालत में तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान एक और महिला ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में अब तक कुल 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य 3 घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।”
भतीजे और मौसा की मौके पर मौत, घायलों की हालत नाजुक
चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मलबे में दबने से जान गंवाने वालों में परिवार के मौसा और सगे भतीजे शामिल हैं, जिनकी सांसें मौके पर ही थम गईं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाकी चार लोगों को बाहर निकाला और एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रेफर कराया, जहां जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही परिवार की एक महिला की भी सांसे टूट गईं। इस घटना के बाद से पूरे मूंडाखेड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के बचे हुए सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासन अलर्ट, जर्जर इमारतों से दूर रहने की अपील
उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक भारी मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बुलंदशहर जिला प्रशासन ने इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लेते हुए स्थानीय राजस्व और नगर निकाय की टीमों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव वाले स्थानों और जर्जर हो चुकी पुरानी दीवारों या मकानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। साथ ही, बेघर और खुले में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
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