नई दिल्ली। सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप मंगवाना, जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर खूनी सिंडिकेट चलाना और विदेशों में बैठकर भारतीय उद्योगपतियों से लेकर गायकों तक को रंगदारी के लिए धमकाना—यह पहचान बन चुकी है सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब की गलियों से निकला यह युवक आज भारत के गृह मंत्रालय द्वारा यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकी घोषित किया जा चुका है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एफबीआई (FBI) की टॉप मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होकर 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) के इनाम का हकदार बन चुका है। छात्र वीजा पर विदेश जाने वाले एक साधारण पृष्ठभूमि के युवक के वैश्विक क्राइम सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बनने की यह कहानी रंजिश, बदले और सनक से भरी है।
पिता पंजाब पुलिस में ASI, खुद स्टूडेंट वीजा पर पहुंचा कनाडा
सतिंदरजीत सिंह बराड़ का जन्म 11 मार्च 1994 को पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में हुआ था। बाद में उसका परिवार फरीदकोट जिले के कोट कपूरा में बस गया। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में बतौर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) तैनात थे। पिता की खाकी वर्दी की प्रतिष्ठा के उलट गोल्डी शुरुआत से ही उग्र और झगड़ालू मिजाज का था। बेटे की आपराधिक करतूतों के चलते बाद में उसके पिता को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (कंपलसरी रिटायरमेंट) दे दी गई। भारत में कानून के शिकंजे से बचने और नए रास्ते तलाशने के लिए वह 2017 में स्टूडेंट वीजा के जरिए कनाडा रवाना हो गया।
मोगा गोलीकांड से अपराध की दुनिया में पहला कदम
कनाडा जाने से पहले ही पंजाब में गोल्डी के खिलाफ गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हो चुके थे। साल 2012 में मोगा में रेलवे क्रॉसिंग के पास जिम जा रहे एक व्यक्ति पर गोल्डी और उसके साथियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में तीन साल बाद वह बरी हो गया। इसके बाद 2013 में अबोहर के एक युवक के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया, जिसमें भी वह कानूनी तौर पर छूट गया। छोटी-मोटी वारदातों से शुरू हुआ यह सफर जल्द ही खूनी गैंगवार की शक्ल अख्तियार करने वाला था।
चचेरे भाई की हत्या और लॉरेंस बिश्नोई से हाथ मिलाने की दास्तान
गोल्डी बराड़ के संगठित अपराध का खूंखार चेहरा बनने की असल शुरुआत अक्टूबर 2020 में हुई। चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन (SOPU) के नेता और गोल्डी के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुरलाल, तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बेहद खास था। भाई की मौत के बदले की आग में गोल्डी ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से सीधा संपर्क साधा और विदेश से गैंग की कमान अपने हाथ में ले ली। फरवरी 2021 में बदले की कार्रवाई के तहत फरीदकोट में यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की सरेआम हत्या करा दी गई, जिसमें सीधे तौर पर गोल्डी बराड़ का नाम मास्टरमाइंड के रूप में दर्ज हुआ।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: 29 मई 2022 का वह खौफनाक दिन
29 मई 2022 को पंजाब के मानसा में मशहूर पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई। मूसेवाला अपनी थार गाड़ी से निकले ही थे कि शूटरों ने उन्हें घेरकर मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड के चंद घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ ने पोस्ट कर खुलेआम मर्डर की जिम्मेदारी ली। उसने दावा किया कि यह हत्या चंडीगढ़ में मारे गए विक्की मिड्डूखेड़ा की मौत का प्रतिशोध थी। सिद्धू मूसेवाला मर्डर की फुलप्रूफ प्लानिंग, आधुनिक हथियारों की खेप, शूटरों के लॉजिस्टिक्स और फंडिंग का पूरा नेटवर्क कनाडा में बैठकर गोल्डी ने ही संभाला था।
मॉडस ऑपरेंडी: एन्क्रिप्टेड ऐप्स, ड्रोन सप्लाई और मॉड्यूलर क्राइम नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी बराड़ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर ‘मॉड्यूलर क्राइम सिस्टम’ चलाता है। वह देश के अलग-अलग राज्यों से ऐसे भटके हुए युवाओं को चुनता है, जो पैसों की लालच या खौफ के कारण शूटर बनने को तैयार होते हैं। इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वारदातों में शामिल शूटर अक्सर एक-दूसरे को नहीं जानते। वह सिग्नल (Signal), टेलीग्राम (Telegram) और सेशन (Session) जैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए विदेशी धरती से लोकेशन और टारगेट भेजता है। इसके अलावा, पंजाब के गैंगवार में उसका मुख्य मुकाबला विरोधी दविंदर बंबीहा गैंग से है।
सीमा पार पाकिस्तानी कनेक्शन, बब्बर खालसा और वसूली रैकेट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की फाइलों के मुताबिक, गोल्डी बराड़ के तार सीमा पार पाकिस्तान में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी तंजीमों जैसे ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ (BKI) से जुड़े हैं। वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन की मदद से अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की खेप भारत में मंगवाकर गैंगवार और आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले स्लीपर सेल्स तक पहुंचाता है। इसके साथ ही वह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के नामी व्यापारियों, रियल एस्टेट बिल्डरों और गायकों को वीओआईपी (VOIP) इंटरनेट कॉलिंग से मौत की धमकी देकर करोड़ों रुपये की फिरौती का सिंडिकेट चला रहा है।
गृह मंत्रालय ने घोषित किया आतंकी, इंटरपोल से एफबीआई तक का शिकंजा
भारतीय गृह मंत्रालय ने जनवरी 2024 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गोल्डी बराड़ को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया। इससे पहले भारत के आग्रह पर जून 2022 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया था। कनाडा की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल होने के बाद अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने भी उस पर 1 मिलियन डॉलर का बड़ा इनाम घोषित कर रखा है। भारतीय खुफिया और जांच एजेंसियां लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बनाकर उसके प्रत्यर्पण (Extradition) के प्रयास में जुटी हुई हैं।
voice of india
