Saturday , 16 May 2026

लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: अफेयर के शक में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, ट्रॉली बैग में शव भरकर इंदिरा डैम में फेंका, फिर खुद पहुंचा थाने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी ही 24 वर्षीय पत्नी की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को छुपाने के लिए आरोपी ने फिल्मी स्टाइल में पत्नी की लाश को एक ट्रॉली बैग में बंद किया और ई-रिक्शा किराए पर लेकर उसे इंदिरा डैम के पास झाड़ियों में फेंक आया। शातिर पति यहीं नहीं रुका, समाज और पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने खुद चिनहट थाने जाकर पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।

हालांकि, कानून के लंबे हाथों से वह ज्यादा देर तक बच नहीं सका। पुलिस के सामने बार-बार बयान बदलने की वजह से जब शक गहराया, तो कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर इंदिरा डैम के पास से ट्रॉली बैग और उसमें बंद शव को बरामद कर लिया है।

6 साल पहले हुई थी शादी, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया

पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान 24 वर्षीय यास्मीन के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब 6 साल पहले चिनहट के ही रहने वाले अल्ताफ उर्फ कल्लू से हुई थी। दोनों के दो छोटे बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। मृतका के पिता मोहम्मद सईद, जो मूल रूप से सीतापुर के रहने वाले हैं और पिछले 8 वर्षों से चिनहट में रहकर सब्जी का कारोबार करते हैं, ने बताया कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। इस खौफनाक वारदात के बाद से दोनों मासूम बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है।

करीबी रिश्तेदार से अफेयर का था शक, तड़के 4 बजे घोंटा गला

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी अल्ताफ उर्फ कल्लू ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। अल्ताफ ने बताया कि उसे अपनी पत्नी यास्मीन पर किसी करीबी रिश्तेदार के साथ अवैध संबंध (अफेयर) होने का शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन गंभीर झगड़े और विवाद होते रहते थे। 13 मई की रात को भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर तगड़ी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि अगले दिन यानी 14 मई की सुबह करीब 4 बजे अल्ताफ ने गुस्से में आकर सोते समय यास्मीन का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

ई-रिक्शा में लादा लाश से भरा ट्रॉली बैग, झाड़ियों में फेंककर रचा ड्रामा

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अल्ताफ ने शातिराना तरीके से लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह सुबह करीब 5 बजे चिनहट बाजार गया और वहां से एक ई-रिक्शा बुक किया। यास्मीन के शव को उसने एक बड़े ट्रॉली बैग में ठूंसकर बंद किया और उसे ई-रिक्शा पर लादकर इंदिरा डैम की तरफ निकल गया। इंदिरा डैम पहुंचने के बाद वह ई-रिक्शा से उतरा और बैग को घसीटते हुए डैम के किनारे सुनसान झाड़ियों में फेंक दिया।

इसके बाद वह वापस अपने घर लौटा और घरवालों के सामने अनजान बनते हुए नाटक किया कि यास्मीन घर पर नहीं है। जब ससुराल वालों ने यास्मीन की तलाश करने और पुलिस में जाने को कहा, तो वह खुद सुबह 8 बजे चिनहट थाने पहुंच गया ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।

पुलिस की ‘थर्ड डिग्री’ के आगे टूटा कातिल, पिता ने लगाया गंभीर आरोप

थाने पहुंचे अल्ताफ ने पुलिस को पत्नी के अचानक लापता होने की कहानी सुनाई। लेकिन जब चिनहट पुलिस ने उससे गायब होने के समय और परिस्थितियों को लेकर बारीकी से सवाल पूछे, तो वह घबरा गया और बार-बार अपने बयान बदलने लगा। चिनहट थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा को अल्ताफ की हरकतों पर शक हुआ, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पुलिसिया पूछताछ के आगे अल्ताफ ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

दूसरी ओर, मृतका के पिता मोहम्मद सईद ने दामाद अल्ताफ और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हत्या में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि अल्ताफ ने उनकी बेटी की हत्या करने के बाद घर आकर झूठ बोला था कि यास्मीन किसी के साथ भाग गई है। चिनहट थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर हत्या और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मुख्य आरोपी अल्ताफ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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