Friday , 23 October 2026

शारीरिक संबंध के बाद कुंडली न मिलने से शादी से मना करना अपराध : हाई कोर्ट

Couples

नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कुंडली न मिलने के कारण शारीरिक संबंध के बाद शादी से मना अपराध है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने एक आरोपित की जमानत याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि आरोपित ने पीड़िता को बार बार भरोसा दिलाया था कि उनकी शादी में कुंडली से लेकर कोई रुकावट नहीं है। ऐसे में इस स्तर पर आरोपित का बर्ताव भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत अपराध है। आरोपित 4 जनवरी से न्यायिक हिरासत में है।

सुनवाई के दौरान आरोपित ने यह कहते हुए जमानत की मांग की थी कि रिश्ता आपसी सहमति से बना था और दोनों एक-दूसरे को आठ सालों से जानते थे। आरोपित ने कहा कि शादी का झूठा बहाना बनाकर रेप का मामला नहीं बनता है। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने पहली शिकायत नवंबर 2025 में दर्ज कराई थी लेकिन आरोपित और उसके परिवार की ओर से शादी का भरोसा दिए जाने के बाद ही वापस ले ली गई थी। लेकिन बाद में कुंडली न मिलने के आधार पर शादी करने से मना कर दिया गया था।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर गौर करने पर पता चलता है कि ये सिर्फ रिश्ते खराब होने का मामला नहीं था बल्कि आरोपित को अपने परिवार के कुंडली मिलान पर जोर देने के बारे में पता होने के बावजूद बार-बार शादी का भरोसा दिलाने का मामला था। पहले दिए गए भरोसे के बावजूद कुंडली न मिलने के आधार पर शादी से इनकार करना प्रथम दृष्टया आरोपित के व्यवहार पर सवाल खड़े करता है।

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