जयपुर/नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी और बहुचर्चित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET UG’ के री-एग्जाम के लिए अब महज कुछ ही घंटों का समय बचा है। कल यानी 21 जून को होने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और विवादों से मुक्त रखने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी आखिरी दौर की तैयारियां पूरी कर ली हैं। राजधानी जयपुर सहित देश के तमाम बड़े परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। सुबह से ही केंद्रों पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और हाई-लेवल बैठकें कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
मॉक ड्रिल से परखी गई व्यवस्था, सुरक्षा ऐसी कि चूक की कोई गुंजाइश नहीं
इस बार NTA परीक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। देशभर के केंद्रों पर व्यवस्थाओं को परखने के लिए आज एक कड़ा मॉक ड्रिल किया गया, जिसके जरिए हर छोटी-बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक तैयारी की टेस्टिंग की गई। एजेंसी का साफ तौर पर कहना है कि इस बार चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर नए और एडवांस नाइट-विज़न CCTV कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इन कैमरों और परीक्षा हॉल की हर गतिविधि पर मुख्य कंट्रोल रूम से सीधे और लाइव नजर रखी जाएगी।
एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से पहुंचे प्रश्नपत्र, पैरामिलिट्री फोर्स के साए में रहेगी कस्टडी
जयपुर में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। NEET री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ वायुसेना (Air Force) के विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए जयपुर पहुंचाया गया है। यहां से इन्हें बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच सेंट्रल बैंक के मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखवा दिया गया है। कल परीक्षा के दिन इन प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स (अर्धसैनिक बलों) की निगरानी में होगी, ताकि पेपर लीक या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की संभावना को जड़ से खत्म किया जा सके।
इतिहास में पहली बार: हर क्लासरूम में लगेगी NTA की आधिकारिक घड़ी
नीट परीक्षा के इतिहास में पहली बार समय को लेकर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया जा रहा है। कल होने वाले री-एग्जाम में हर परीक्षा कक्ष (क्लासरूम) के भीतर NTA द्वारा विशेष रूप से भेजी गई आधिकारिक दीवार घड़ियां लगाई जा रही हैं। सभी केंद्रों तक ये घड़ियां पहुंचाई जा चुकी हैं। अक्सर छात्रों की यह शिकायत रहती थी कि अलग-अलग क्लासरूम की घड़ियों में समय का अंतर (टाइम डिफरेंस) होने से उनका पेपर छूट गया या उन्हें कम समय मिला। इसी भ्रम को दूर करने और पूरे देश में एक समान समय व्यवस्था (टाइम सिंक्रोनाइजेशन) सुनिश्चित करने के लिए NTA ने यह बड़ा फैसला लिया है।
NTA ने री-एग्जाम से ठीक पहले अपनी पूरी प्रशासनिक मशीनरी को कस लिया है। परीक्षा से जुड़ी सभी गाइडलाइंस सख्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से विशेष अपील की गई है कि वे एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम के मुताबिक समय से काफी पहले केंद्र पर पहुंचें और एंट्री गेट पर होने वाली सघन जांच व सभी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें।
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