Friday , 15 May 2026

यूएई पहुंचे पीएम मोदी का आसमान में F-16 ने किया भव्य स्वागत, बोले- ‘संकट की इस घड़ी में भारत आपके साथ खड़ा है’

अबू धाबी/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (वेस्‍ट एशिया) में जारी भारी सैन्य तनाव और युद्ध के बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे हैं। यूएई की सीमा में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री के विमान का आसमान में यूएई वायुसेना के घातक F-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट कर भव्य और शाही स्वागत किया। इसके तुरंत बाद, प्रोटोकॉल तोड़ते हुए यूएई के राष्ट्रपति खुद पीएम मोदी की अगवानी के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान जंग के कठिन समय में यूएई द्वारा दिखाए गए धैर्य और साहस की जमकर तारीफ की और साफ शब्दों में कहा कि संकट के इस दौर में भारत पूरी मजबूती से अपने सबसे भरोसेमंद दोस्त यूएई के साथ खड़ा है।

पश्चिम एशिया का संकट पूरी दुनिया का संकट, यूएई पर हुए हमलों की घोर निंदा

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक होते हुए यूएई को अपना ‘दूसरा घर’ बताया। उन्होंने यूएई वायुसेना द्वारा मिले विशेष सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है। हाल ही में ईरान जंग के दौरान यूएई के क्षेत्रों पर जो मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से उनकी घोर निंदा की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यूएई पर हुए इन हमलों की भारत निंदा करता है। यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। इन कठिन परिस्थितियों में यूएई के राष्ट्रपति ने जिस अद्वितीय संयम और साहस का परिचय दिया है, वह बेहद सराहनीय है।”

होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध की परिस्थिति का प्रभाव आज केवल इस क्षेत्र पर नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर साफ दिखाई दे रहा है। भारत का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हमने हमेशा समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए केवल बातचीत और कूटनीति (Diplomacy) को ही प्राथमिकता दी है। वैश्विक व्यापार और ईंधन आपूर्ति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बड़ा बयान दिया कि ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से खुला और सुरक्षित बनाए रखना भारत की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकता है, और इस विषय में सभी देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाना बेहद आवश्यक है।

एलपीजी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर हुए कई बड़े गुप्त समझौते (MoU)

इस बेहद संवेदनशील समय में हो रहे पीएम मोदी के यूएई दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक के बाद एलपीजी (LPG) की निर्बाध सप्‍लाई और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। हालांकि, पश्चिम एशिया के मौजूदा नाजुक हालातों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए इन समझौतों की विस्तृत और गोपनीय जानकारी दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही, पिछले दिनों यूएई में आई भीषण प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति भारत की ओर से गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

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