Monday , 18 May 2026

UP में नया नियम: हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम और शिफ्ट में बदलेंगे दफ्तर, CM योगी का ईंधन बचाने के लिए बड़ा मास्टरस्ट्रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के कामकाजी वर्ग और औद्योगिक जगत के लिए एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य के श्रम विभाग ने रविवार को एक हाई-लेवल बैठक बुलाई, जिसमें कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस बैठक में न सिर्फ हाइब्रिड वर्किंग मॉडल को मंजूरी दी गई, बल्कि दफ्तरों को अलग-अलग शिफ्टों में खोलने समेत कई अन्य बड़े बदलावों पर भी मुहर लगाई गई है। श्रम विभाग का यह फैसला सीधे तौर पर प्रदेश की बड़ी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों पर लागू होने जा रहा है।

इन कंपनियों में लागू होगी नई व्यवस्था, श्रम विभाग ने जारी की गाइडलाइन

श्रम विभाग द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की यह सुविधा प्रदेश के उन सभी बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में लागू होगी जहां कर्मचारियों की संख्या अधिक है। इसके साथ ही ट्रैफिक के दबाव और प्रदूषण को कम करने के लिए कार्यालयों को अलग-अलग शिफ्ट (Staggered Shifts) में संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है। विभाग ने सभी कामकाजी लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाएं। माना जा रहा है कि श्रम विभाग ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब पश्चिम एशिया के संकट के चलते वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की किल्लत और कीमतें बढ़ने की आशंका गहराने लगी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद रखा था हाइब्रिड मॉडल का प्रस्ताव

आपको बता दें कि इस बड़े बदलाव की नींव हाल ही में रख दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बीते 13 मई को पहली कैबिनेट बैठक ली थी। इसी बैठक में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में ईंधन बचाने, वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने और सप्ताह में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंत्रियों के सामने रखे थे। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा था कि जिन निजी या सरकारी कंपनियों में 50 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वहां हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम (Hybrid Work Culture) की व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाए।

ईंधन बचाने के लिए मंत्रियों और अफसरों को भी मानने होंगे कड़े नियम

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईंधन की बचत को लेकर जो निर्देश दिए हैं, वे बेहद सख्त हैं। सरकार ने अपने स्तर पर उदाहरण पेश करते हुए सरकारी वाहनों के बेड़े में सीधे 50 फीसदी तक की कटौती करने का फैसला किया है। इसके साथ ही मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों (IAS-IPS) को निर्देश दिए गए हैं कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या कारपूलिंग के जरिए ही सफर तय करें। शासन स्तर पर ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल मीटिंग्स करने, साइकिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इतना ही नहीं, फिजूलखर्ची रोकने के लिए अगले 6 महीने तक मंत्रियों और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि पूरी व्यवस्था डिजिटल और हाइब्रिड कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ सके।

Check Also

बहराइच में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात: मासूम की हत्या कर भागा आरोपी मुठभेड़ में ढेर होते-होते बचा, पैर में लगी गोली

बहराइच (महसी)। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात …