नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से जुलाई 2026 का महीना बेहद क्रांतिकारी और शुभ फलदायी साबित होने वाला है। इस महीने ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ युति बनने जा रही है, जो कई राशियों के बंद किस्मत के ताले खोल सकती है। हम बात कर रहे हैं ‘नवपंचम दृष्टि राजयोग’ की। जब ब्रह्मांड के दो प्रभावशाली ग्रह एक विशेष कोण पर आकर एक-दूसरे पर शुभ दृष्टि डालते हैं, तब इस राजयोग का निर्माण होता है। इस बार यह शुभ संयोग ज्ञान के कारक ‘गुरु’ और रहस्यमयी ‘वरुण’ ग्रह के बीच बनने जा रहा है, जिसका सीधा असर धन, करियर और व्यापार पर पड़ेगा।
कब और किस समय होगा इस राजयोग का उदय?
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर नवपंचम दृष्टि योग का निर्माण होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस समय ग्रहों की स्थिति इतनी अनुकूल होगी कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाएगा। यह योग मुख्य रूप से मानसिक शांति, आर्थिक संतुलन और करियर में अप्रत्याशित तरक्की लेकर आता है।
इन 4 राशियों के लिए ‘वरदान’ साबित होगा यह योग
मेष राशि: रुके हुए काम पकड़ेंगे रफ्तार
मेष राशि के जातकों के लिए जुलाई का उत्तरार्ध किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं होगा। लंबे समय से अटके हुए सरकारी या निजी काम इस दौरान पूरे हो सकते हैं। अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह सही समय है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ परिवार में भी मान-सम्मान बढ़ेगा।
सिंह राशि: व्यापार में होगा तगड़ा मुनाफा
सिंह राशि वालों के लिए यह राजयोग आय के नए स्रोत खोल सकता है। जो लोग अपना खुद का स्टार्टअप या नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए 20 जुलाई के बाद का समय अत्यंत लाभकारी है। प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में निवेश करना आपके लिए भविष्य में बड़े मुनाफे के संकेत दे रहा है।
वृश्चिक राशि: प्रॉपर्टी विवादों से मिलेगी मुक्ति
वृश्चिक राशि के जातकों को इस शुभ योग से पुरानी समस्याओं से निजात मिलेगी। विशेषकर जमीन-जायदाद से जुड़े कानूनी मामले आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं। मानसिक तनाव कम होगा और घर में किसी धार्मिक कार्य का आयोजन हो सकता है। आर्थिक तंगी दूर होने के योग प्रबल हैं।
कुंभ राशि: करियर में मिलेगी नई जिम्मेदारी
कुंभ राशि वालों के लिए यह समय वर्कप्लेस पर प्रमोशन और नई जिम्मेदारियों का है। आपकी मेहनत को उच्च अधिकारियों द्वारा सराहा जाएगा। जो लोग नौकरी बदलने की तलाश में हैं, उन्हें मनचाहा ऑफर मिल सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे।
क्यों इतना प्रभावशाली है ‘नवपंचम राजयोग’?
ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम दृष्टि को ‘त्रिकोण दृष्टि’ के रूप में भी देखा जाता है, जो ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करती है। गुरु ग्रह शुभता और वरुण ग्रह गहराई का प्रतीक है। जब इनका मिलन होता है, तो यह व्यक्ति को न केवल भौतिक सुख देता है, बल्कि आध्यात्मिक और बौद्धिक रूप से भी समृद्ध बनाता है। जिन जातकों की कुंडली में ग्रहों की स्थिति कमजोर है, उन्हें भी इस गोचर से राहत मिलने की उम्मीद है।
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