लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार का दिन काल बनकर आया। प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने ऐसी तबाही मचाई कि देखते ही देखते चारों ओर चीख-पुकार मच गई। कुदरत के इस कहर ने पूरे प्रदेश में करीब 100 लोगों की जिंदगी छीन ली। कहीं आसमानी बिजली ने घरों को निशाना बनाया, तो कहीं विशालकाय पेड़ और दीवारें गिरने से लोग मलबे में दब गए। सबसे ज्यादा तबाही भदोही और प्रयागराज जिलों में देखने को मिली है, जहां मौतों का आंकड़ा सबसे अधिक है।
मौत का तांडव: भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा मौतें
बुधवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इस प्राकृतिक आपदा में भदोही सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, संगम नगरी प्रयागराज में तूफान ने 17 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। प्रयागराज में मरने वालों में 8 पुरुष, 5 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा मिर्जापुर में 15 और फतेहपुर में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्नाव, बदायूं, बरेली और प्रतापगढ़ समेत दर्जनों जिलों से भी मौतों की दुखद खबरें सामने आ रही हैं।
मलबे में दबी खुशियां: पेड़ और दीवारें गिरने से मची तबाही
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि बरसों पुराने पेड़ तिनके की तरह उखड़ गए। भदोही के सुरियावां क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां मकान पर पेड़ गिरने से एक महिला और उसकी दो बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह औराई में पेड़ के नीचे शरण लिए लोग उसकी चपेट में आ गए। कई जिलों में कच्चे मकानों की दीवारें ढहने से लोग उसके नीचे दब गए। इस आपदा में न केवल इंसानी जानों का नुकसान हुआ, बल्कि प्रयागराज समेत कई जिलों में 20 से ज्यादा मवेशी भी काल के गाल में समा गए।
Up #बरेली के नन्हे मियां तेज तूफान में बारातघर की टीनशेड का पाया पकड़े खड़े थे आंधी तेज हुई तो टीनशेड उखड़ गई और उसके साथ नन्हे मियां हवा में उड़ गए जिससे उनके दोनों हाथ पांव टूट गए वो अब अस्पताल में भर्ती है। #up #bareilly pic.twitter.com/F5qEdzrERK
— sayma Khan journalist (@SaymaKh32639264) May 14, 2026
सीएम योगी का कड़ा रुख: 24 घंटे में राहत पहुंचाने का अल्टीमेटम
प्रदेश में हुई इस भारी जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया है कि प्रभावित इलाकों का तुरंत सर्वे किया जाए और 24 घंटे के भीतर पीड़ितों को आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। शासन की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुआवजे की वितरण प्रक्रिया में कोई ढिलाई न बरती जाए।
इन जिलों में भी कुदरत ने दिखाया रौद्र रूप
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उन्नाव और बदायूं में 6-6, बरेली और प्रतापगढ़ में 4-4, जबकि सीतापुर, रायबरेली, चंदौली, कानपुर देहात, हरदोई और संभल में 2-2 लोगों की मौत हुई है। कौशांबी और शाहजहांपुर में भी एक-एक व्यक्ति की जान गई है। बिजली गिरने और तूफान के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
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