नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान, ‘कैप्टन कूल’ यानी महेंद्र सिंह धोनी आज (7 जुलाई 2026) अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। धोनी ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी जादुई कप्तानी और शांत स्वभाव से जो इतिहास रचा है, उससे पूरी दुनिया वाकिफ है। उन्होंने भारत को टी-20 वर्ल्ड कप, 50 ओवर वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी दिलाकर आईसीसी की सभी ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान का गौरव हासिल किया है। लेकिन मैदान के बाहर माही की जिंदगी के कुछ ऐसे दिलचस्प और अनसुने पहलू हैं, जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं। आइए धोनी के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े 7 सबसे बड़े और दिलचस्प राज।
1. आखिर क्यों किसी का फोन नहीं उठाते धोनी? खुद माही ने खोला था यह बड़ा रहस्य
एमएस धोनी की यह आदत क्रिकेट जगत में हमेशा से एक बड़ा सस्पेंस रही है। वीवीएस लक्ष्मण, विराट कोहली से लेकर उनके सबसे करीबी दोस्त सुरेश रैना तक यह शिकायत सरेआम कर चुके हैं कि धोनी कभी किसी का फोन नहीं उठाते। यहां तक कि टीम इंडिया के सेलेक्शन के समय भी कई बार बीसीसीआई (BCCI) के बड़े अधिकारियों को उनसे संपर्क करने में पसीने छूट जाते थे। इस अनोखी आदत का खुलासा खुद धोनी ने एक शो के दौरान किया था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था, ‘मैं और टेक्नोलॉजी एक-दूसरे से काफी दूर हैं। मैं ज्यादा फोन का इस्तेमाल नहीं करता। यह सच है कि मेरे फोन न उठाने की कई कहानियां हैं, लेकिन मैं आज भी तकनीक से दूरी बनाकर ही सुकून पाता हूं।’
2. जब 15,000 फीट की ऊंचाई से विमान से कूद गए धोनी, सेना के प्यार में किया ये कारनामा
साल 2011 में भारत को अपनी कप्तानी में वर्ल्ड कप जिताने के बाद एमएस धोनी को भारतीय टेरिटोरियल आर्मी में ‘लेफ्टिनेंट कर्नल’ की मानद रैंक से सम्मानित किया गया था। धोनी ने इस रैंक को सिर्फ एक सम्मान या टैग की तरह नहीं रखा, बल्कि वह असल मायने में सेना की ट्रेनिंग का हिस्सा बनना चाहते थे। साल 2015 में उन्होंने पैराशूट रेजिमेंट के तहत ‘पैरा-ट्रूपर’ बनने की ठानी। इस विंग का हिस्सा बनने और प्रतिष्ठित ‘पैरा विंग्स’ बैच हासिल करने के लिए धोनी आगरा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के एएन-32 (AN-32) विमान से 15,000 फीट की हैरतअंगेज ऊंचाई से एक या दो नहीं, बल्कि पूरे पांच बार छलांग लगाई थी।
3. खड़गपुर स्टेशन पर टीटीई की नौकरी और महज 3,000 रुपये की पहली सैलरी
आज करोड़ों-अरबों की संपत्ति के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में शुमार धोनी के शुरुआती दिन बेहद संघर्षपूर्ण थे। भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले धोनी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए सरकारी नौकरी का सहारा लिया था। साल 2001 से 2003 के बीच धोनी पश्चिम बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) के पद पर तैनात थे। उस वक्त उनकी पहली सैलरी सिर्फ 3,000 रुपये के आसपास थी, जहां से उन्होंने अपने सपनों की उड़ान शुरू की।
4. धोनी के लंबे बालों के पीछे था इस बॉलीवुड स्टार का कनेक्शन, परवेज मुशर्रफ भी हुए थे मुरीद
इंटरनेशनल क्रिकेट में एंट्री करते ही धोनी के लंबे सुनहरे बाल उनका सिग्नेचर स्टाइल और एक ग्लोबल ट्रेंड बन गए थे। भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भी धोनी के इन बालों के इस कदर दीवाने हुए थे कि उन्होंने सरेआम धोनी को बाल न कटवाने की सलाह दे डाली थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि धोनी ने यह लुक बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम से प्रेरित होकर रखा था। धोनी जॉन अब्राहम के बहुत बड़े फैन थे और उन्हीं की तरह लंबे बाल रखना पसंद करते थे।
5. हर दिन 5 लीटर दूध पीने की अफवाह का सच, खुद माही ने किया था बड़ा खुलासा
करियर के शुरुआती दिनों में धोनी की ताकतवर हिटिंग को देखकर यह अफवाह तेजी से उड़ी थी कि रांची का यह लड़का रोजाना 4 से 5 लीटर दूध गटक जाता है। इस अफवाह पर बाद में खुद एमएस धोनी ने विराम लगाया था। उन्होंने हंसते हुए साफ किया था कि वह रोज 5 लीटर दूध नहीं पीते, लेकिन हां, उन्हें दूध, मिल्क शेक और चाकलेट से बेहद प्यार है। वह अपनी डाइट में दिनभर में करीब 1 लीटर दूध या मिल्क शेक जरूर शामिल करते थे।
6. फुटबॉल के गोलकीपर से ऐसे बने दुनिया के महानतम विकेटकीपर
बचपन में महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट से कहीं ज्यादा फुटबॉल और बैडमिंटन खेलने का शौक था। वह अपने स्कूल की टीम के एक बेहतरीन फुटबॉल गोलकीपर हुआ करते थे। एक दिन उनके स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर ने मैदान पर उनकी शानदार गोलकीपिंग स्किल्स और रिफ्लेक्सेस को देखा। टीचर ने उन्हें फुटबॉल छोड़कर क्रिकेट टीम में विकेटकीपिंग आजमाने की सलाह दी। बस, टीचर की उसी एक सलाह ने भारतीय क्रिकेट का इतिहास बदल दिया और देश को उसका सबसे महान विकेटकीपर-बल्लेबाज मिल गया।
7. गाड़ियों का नहीं, बाइक्स का है आलीशान खजाना; खुद हाथों से करते हैं रिपेयरिंग
धोनी को लग्जरी कारों से कहीं ज्यादा प्यार मोटरसाइकिलों से है। रांची में स्थित उनके भव्य फार्महाउस में एक आलीशान दो-मंजिला गैराज बना हुआ है, जिसमें 150 से ज्यादा विदेशी और विंटेज बाइक्स का कलेक्शन मौजूद है। उनके इस खजाने में दुनिया की सबसे महंगी और हाई-स्पीड बाइक्स से लेकर भारत की पुरानी राजदूत और यामाहा RD350 जैसी क्लासिक मोटरसाइकिलें शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि जब भी धोनी क्रिकेट या अपनी व्यस्त दिनचर्या से फुर्सत पाते हैं, तो वह इस गैराज में अपनी बाइक्स की खुद अपने हाथों से साफ-सफाई और रिपेयरिंग करना पसंद करते हैं।
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