Wednesday , 28 October 2026

मिशन यूपी 2027: भाजपा ने कसी कमर, नए वोटरों को जोड़ने के लिए लखनऊ में बना हाई-टेक कॉल सेंटर, तैनात होंगे 1000 कॉलर्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक मशीनरी को पूरी रफ्तार से सक्रिय कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में अगले साल अप्रैल तक चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराए जाने की संभावना है। इसी समय-सीमा को केंद्र में रखकर पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस पूरी चुनावी बिसात का पहला और सबसे अहम दांव नए मतदाताओं को पार्टी के साथ जोड़ना और बूथ स्तर पर पकड़ को अभेद्य बनाना है।

स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) पर पूरा जोर, सीएम योगी ने संभाली कमान

पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस समय चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान) को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखे हुए है। बीते 24 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और राज्य कार्यसमिति के सदस्यों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की थी। सूत्रों के अनुसार, सीएम योगी ने जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे घर-घर जाकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और सभी पात्र नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाएं।

इसके साथ ही, पदाधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की विसंगति या संभावित गड़बड़ी पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखें और वोटर लिस्ट को लेकर फैलाई जाने वाली किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना का जमीनी स्तर पर तत्काल खंडन करें।

लखनऊ में हाई-टेक वॉर रूम तैयार, 15 नवंबर के बाद होगा बड़ा विस्तार

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी विनोद तावड़े के मार्गदर्शन में चुनावी रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए राजधानी लखनऊ में अत्याधुनिक कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इस हाई-टेक कॉल सेंटर के प्रबंधन का जिम्मा यूपी बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और पूर्व आईटी सेल प्रमुख संजय राय को सौंपा गया है।

शुरुआती चरण में 200 प्रशिक्षित कॉलर्स के साथ इस ऑपरेशन का आगाज किया गया है। ये टेलीकॉलर्स सीधे बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क साधे हुए हैं और उन्हें पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, रैलियों व वरिष्ठ नेताओं के जनपदों में दौरों की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। 15 नवंबर के बाद इस विंग का व्यापक विस्तार किया जाएगा। पार्टी की योजना दिसंबर तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग संभागों में नए उप-कॉल सेंटर खोलने और कॉलर्स की कुल संख्या 1,000 तक पहुंचाने की है।

क्या है भाजपा का चुनावी ‘कॉल सेंटर मॉडल’?

चुनावी राज्यों में मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सीधा सेतु स्थापित करने के लिए भाजपा का यह कॉल सेंटर मॉडल बेहद कारगर साबित होता रहा है। यह पूरा नेटवर्क मतदान के अंतिम घंटे तक 24×7 मोड में सक्रिय रहता है।

इसके तहत कॉलर्स न केवल अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को पार्टी के निर्देश और एजेंडा समझाते हैं, बल्कि ग्राउंड से मिलने वाले वास्तविक फीडबैक, स्थानीय समीकरणों और जनमुद्दों का पूरा इनपुट इकट्ठा करते हैं। इस डाटा का तुरंत विश्लेषण किया जाता है और रिपोर्ट सीधे केंद्रीय व राज्य नेतृत्व तक पहुंचाई जाती है, जिससे चुनावी रणनीति में आवश्यकतानुसार तुरंत बदलाव किए जा सकें।

 

Check Also

Supreme Court on Acid Attacks: देश में एसिड हमलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिक्री पर रोक की गाइडलाइंस को बताया विफल; केंद्र से मांगी रिपोर्ट

देश भर में एसिड हमलों की लगातार सामने आ रही घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने …