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मिशन 2027: यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा, मायावती ने अखिलेश के ‘गठबंधन’ वाले दांव को किया खारिज; बंगले पर भी दी सफाई

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से बिसात बिछनी शुरू हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार (18 फरवरी) को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के सियासी गलियारों में चल रही गठबंधन की तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। मायावती ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी दल के साथ मिलकर नहीं, बल्कि ‘एकला चलो’ की रणनीति पर चलते हुए अकेले लड़ेगी।

अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार: “हाथी चलेगा अपनी मस्त चाल”

पिछले कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा बसपा के साथ ‘रिश्ते गहरे होने’ के बयानों से गठबंधन की चर्चाएं तेज थीं। मायावती ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विरोधियों का षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसी चर्चाएं भ्रामक हैं और कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने के लिए फैलाई जा रही हैं। हमें किसी के साथ जाने की जरूरत नहीं है, बसपा 2007 की तरह अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ‘हाथी की मस्त चाल’ चलते रहें और विरोधियों के दुष्प्रचार में न आएं।

टाइप-8 बंगले पर विवाद: सुरक्षा को बताया असली वजह

दिल्ली में आवंटित हुए ‘टाइप-8’ बंगले को लेकर उठ रहे सवालों पर भी मायावती ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि यह बंगला कोई राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि उनकी जेड प्लस (Z+) सुरक्षा की आवश्यकता है। मायावती ने कहा, “सुरक्षा कारणों से पहले मिले कई बंगले मैंने छोड़ दिए थे क्योंकि वहां प्रोटोकॉल के हिसाब से इंतजाम नहीं थे। अब आवंटित हुआ बंगला मेरी सुरक्षा की दृष्टि से सही है।” उन्होंने विरोधियों को नसीहत दी कि वे इस मुद्दे पर राजनीति न करें।

2007 वाला इतिहास दोहराने का संकल्प

बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को ‘मिशन 2027’ के लिए मंत्र देते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे, विपक्षी दल साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर दलितों और वंचितों की आवाज को दबाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पूरे देश के ‘अम्बेडकरवादियों’ से एकजुट होने की अपील की और कहा कि केवल तन, मन और धन से समर्पित होकर ही विरोधियों के दांत खट्टे किए जा सकते हैं। मायावती का यह रुख साफ करता है कि 2027 की लड़ाई इस बार ‘त्रिकोणीय’ होने वाली है।

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