मैनपुरी (दन्नाहार): उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के ग्राम टिंडौली से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भाईचारे और त्याग की एक मिसाल पेश करने वाले दो सगे भाइयों ने महज 6 घंटे के अंतराल में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जब गांव की गलियों से एक साथ दो सगे भाइयों की अर्थियां निकलीं, तो हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं और पूरे इलाके में मातम पसर गया।
कैंसर से जंग हार गया छोटा भाई, रास्ते में तोड़ा दम
मिली जानकारी के अनुसार, टिंडौली निवासी 35 वर्षीय आदेश लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। उनके बड़े भाई 45 वर्षीय शील कुमार कठेरिया, जो दन्नाहार थाने में चौकीदार के पद पर तैनात थे, अपने भाई को बचाने के लिए जमीन-आसमान एक कर रहे थे। आदेश की हालत बिगड़ने पर उन्हें ग्वालियर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर पीजीआई लखनऊ की ओर भागे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में आदेश की सांसें थम गईं।

भाई को बचाने के लिए बेच दी थी 6 बीघा जमीन, सदमा नहीं झेल सका दिल
बड़े भाई शील कुमार के लिए आदेश सिर्फ छोटा भाई नहीं, बल्कि उनके कलेजे का टुकड़ा था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद शील कुमार ने भाई के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि भाई की जान बचाने के लिए उन्होंने अपनी 6 बीघा जमीन करीब 15 लाख रुपये में बेच दी थी। सोमवार रात जब आदेश का शव गांव पहुंचा, तो शील कुमार इस गहरे सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके। भाई को खोने के गम में उनका दिल बैठ गया और कुछ ही घंटों बाद उन्हें जबरदस्त हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।

एक साथ जलीं दो चिताएं, 10 बच्चों के सिर से उठा साया
मंगलवार शाम को जब शील कुमार और आदेश की अर्थियां एक साथ उठीं, तो श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स रो पड़ा। पास-पास जलती दोनों भाइयों की चिताओं ने नियति के इस क्रूर खेल की गवाही दी। इस दोहरी त्रासदी ने दो परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक आदेश अपने पीछे पांच छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, वहीं शील कुमार के भी पांच बच्चे हैं (जिनमें तीन बेटियों की शादी हो चुकी है)। घर के दो कमाऊ सदस्यों के चले जाने से अब इन मासूमों के भविष्य पर अंधकार छा गया है।
ग्रामीणों की प्रशासन से गुहार, मदद की लगाई आस
इस घटना के बाद से पूरे टिंडौली गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। चौकीदार शील कुमार के समर्पण और परिवार की माली हालत को देखते हुए बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण के लिए ठोस सरकारी मदद की अपील की गई है।
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