Monday , 5 October 2026

Kanpur Fake Currency Racket: कानपुर में नकली नोट छापने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹350 में बिकता था ₹500 का जाली नोट; 3 शातिर अरेस्ट

कानपुर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच नकली नोटों के अवैध कारोबार पर पुलिस ने तगड़ा प्रहार किया है। सहारनपुर के चर्चित नोट कांड के बाद अब कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक हाईटेक नकली नोट गिरोह के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बड़ी खेप बरामद की है। एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। पकड़े गए जालसाज ₹500 का नकली नोट ₹350 में और ₹200 का नकली नोट ₹150 में बाजार में खपाते थे। पुलिस ने इनके पास से लाखों रुपये के जाली नोट, आधुनिक प्रिंटर और प्रिंटिंग सामग्री जब्त की है।

ट्रेनों में चोरी से रैन बसेरा तक का सफर, ऐसे बने नकली नोटों के मास्टरमाइंड

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में हैरान करने वाला सच सामने आया है। पकड़े गए शातिर सोमिल गुप्ता, रोशन अली और शेर सिंह पहले ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने का काम करते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद ये लोग अलग-अलग शहरों के रैन बसेरों में छिप जाते थे। कुछ माह पहले रैन बसेरा में ही इनकी मुलाकात जाली नोट छापने वाले एक मास्टरमाइंड से हुई, जिसने इन्हें कम समय में अमीर बनने का लालच देकर नकली नोट छापने और सप्लाई करने का पूरा हुनर सिखा दिया। इसके बाद तीनों ने ट्रेन में एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया और चोरी के पैसों से एप्सन कंपनी का हाईटेक प्रिंटर, स्पेशल बॉन्ड पेपर और कटर खरीदकर खुद का सिंडिकेट शुरू कर दिया।

रैन बसेरों में लगाते थे प्रिंटिंग मशीन, ठिकाना बदलकर देते थे चकमा

यह गिरोह पुलिस से बचने के लिए बेहद चालाकी से काम करता था। किसी भी शहर के रेलवे स्टेशन के पास बने रैन बसेरों में ये अस्थाई ठिकाना बनाते थे और वहीं नोटों की छपाई शुरू कर देते थे। नोट खपाने के बाद ये तत्काल उस शहर को छोड़ देते थे। पुलिस की रडार से दूर रहने के लिए ये एक ग्राहक को दोबारा कभी माल नहीं बेचते थे और स्थानीय बाजारों में सीधे 30 फीसदी मार्जिन पर या अनजान लोगों को निशाना बनाकर जाली करेंसी चलाते थे। कानपुर में भी ये रैन बसेरे को ही प्रिंटिंग अड्डा बनाने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले कि इनका नेटवर्क फैलता, क्राइम ब्रांच की टीम ने तीनों को धर दबोचा।

लाखों रुपये के जाली नोट और हाईटेक उपकरण बरामद

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संकल्प शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्तों के कब्जे से ₹2,04,650 मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए हैं। बरामद खेप में ₹100 के 1991 नोट, ₹50 के 71 नए-पुराने नोट और ₹500 के चार नोट शामिल हैं। इसके अलावा मौके से एक एप्सन प्रिंटर, विशेष गुणवत्ता वाला कागज, दो पेपर कटर, कैंची, दो स्केल, प्रिंटर इंक की बोतलें और नोटों की डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्रॉली बैग बरामद किए गए हैं।

सहारनपुर बैंक चेस्ट कांड से जुड़ रहे तार, एनआईए जांच के दायरे में गैंग

पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने अब तक कितने नोट छापे और किन-किन शहरों में सप्लाई किए। जेसीपी संकल्प शर्मा ने आशंका जताई है कि इस गिरोह के तार सहारनपुर के बैंक करेंसी चेस्ट से बरामद हुए करोड़ों के जाली नोट कांड से भी जुड़े हो सकते हैं। सहारनपुर मामले में लखनऊ एनआईए पहले ही मुकदमा दर्ज कर एक बैंक अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है। कानपुर पुलिस अब केंद्रीय जांच एजेंसियों से इनपुट साझा कर इस गिरोह के सरगना तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।

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