Sunday , 19 April 2026

‘बस कोरिया… कोरिया… कोरिया… यही उनकी दुनिया थी’….गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत का ‘कोरियन’ रहस्य…पिता का छलका दर्द

Hq720 (12)

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद की हाई-राइज सोसाइटी में तीन सगी नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। भारत सिटी सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली इन बच्चियों के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जो हर मां-बाप के लिए एक चेतावनी है। अब तक आर्थिक तंगी को वजह माना जा रहा था, लेकिन अब बच्चियों के पिता ने कैमरे के सामने आए बिना जो दर्द बयां किया है, उससे पता चलता है कि मौत की यह स्क्रिप्ट एक मोबाइल फोन और ‘कोरियन’ दुनिया के अंधेरे में लिखी जा रही थी।

Ghaziabad triple death case 2026 02 24a1b717c90720fdf854417c763fc8c3

‘बस कोरिया… कोरिया… कोरिया… यही उनकी दुनिया थी’

गम में डूबे पिता चेतन ने भारी मन से बताया कि उनकी बेटियां, 16 साल की निशिका, 14 साल की प्राची और 12 साल की पाखी, पिछले तीन साल से एक अलग ही दुनिया में जी रही थीं। उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे सिर्फ कोरिया, कोरिया, कोरिया करते रहते थे। उनकी दुनिया बस वहीं तक सीमित थी।” पिता ने बताया कि उनकी बेटियां कोरियन ड्रामा और कल्चर में इस कदर डूब चुकी थीं कि उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। स्कूल जाने से साफ इनकार कर दिया था, उनकी बस एक ही जिद थी कि उन्हें पढ़ने के लिए कोरिया भेज दो।

दीवारों पर लिखे थे राज, बदल लिए थे अपने नाम

पिता के अनुसार, बेटियों की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि वे खुद को भारतीय कहलाने पर रोने लगती थीं। उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे। वह बताते हैं, “वे मुझसे डरकर छिप-छिपकर मोबाइल चलाती थीं। कमरे की दीवारों पर कोरियन भाषा में कुछ लिखती थीं और अजीब निशान बनाती थीं, जैसे ‘स्क्विड गेम’ में होते हैं।” रात-रात भर 12 से 4 बजे तक मोबाइल चलाने से उनकी आंखें सूज जाती थीं। तीनों हर वक्त साथ रहती थीं, यहां तक कि बाथरूम भी। जब पिता पूछते तो जवाब मिलता, “पापा, गांधी जी के भी तो 3 बंदर होते हैं।”

उस काली रात की खौफनाक कहानी

घटना वाले दिन को याद करते हुए पिता की आवाज कांप जाती है। उन्होंने बताया, “उस शाम मैंने उनकी सूजी हुई आंखें देखकर उनसे फोन छीन लिया था। इसके बाद तीनों सोने का नाटक करने लगीं। कुछ देर बाद वे उठकर एक कमरे में चली गईं और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।” जब उनकी पत्नी ने आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। घबराकर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो कमरे में कोई नहीं था। पिता ने बताया, “तभी मुझे कुछ गिरने की तेज आवाज आई… मैंने खिड़की से झांका तो मेरी एक बच्ची नीचे जमीन पर पड़ी थी। हमारे तो होश ही उड़ गए।”

पिता की सिसकती अपील और एक चेतावनी

पिता ने कर्ज की बात तो स्वीकार की, लेकिन इसे आत्महत्या की वजह मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “10-20 लाख का कर्जा तो सब पर होता है, अगर यह वजह होती तो मैं मरता, मेरे बच्चे नहीं।” उनका मानना है कि इस हादसे की जड़ मोबाइल की लत और कोरियन गेम का जानलेवा टास्क है, जिसके बारे में उन्हें फोन की जांच करने पर पता चला। उन्होंने रोते हुए सभी माता-पिता से अपील की, “हर कोई अपने बच्चों पर ध्यान दे। मेरी गलती बस इतनी थी कि मैंने उन पर थोड़ा कम ध्यान दिया और उन्हें फोन दे दिया। भारत में इन कोरियन गेम्स पर तुरंत प्रतिबंध लगना चाहिए।”


 

Check Also

नोएडा हिंसा मामले में यूपी STF का बड़ा एक्शन : 1 लाख का इनामी मास्टरमाइंड आदित्य आनंद तमिलनाडु से गिरफ्तार, हुलिया बदलकर काट रहा था फरारी

नोएडा/लखनऊ। नोएडा में पिछले दिनों हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन और औद्योगिक अशांति के मामले …