
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में मंगलवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। सेक्टर आई के एक मकान में अपनी पत्नी के साथ ससुराल पहुंचे दामाद की उसके ही ससुर और सालियों ने मिलकर हत्या कर दी। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ा कि ससुराल वालों ने चारपाई के पाए से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ससुर और उसकी चार बेटियों को हिरासत में ले लिया है।
प्रेम विवाह बना दुश्मनी की वजह, चार साल बाद हुआ खूनी अंत
जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ निवासी विष्णु यादव (30) ने करीब चार साल पहले आशियाना में रहने वाले अधिवक्ता तीरथराज सिंह की बेटी साक्षी के साथ प्रेम विवाह किया था। यह शादी परिवार की मर्जी के खिलाफ हुई थी, जिसके बाद साक्षी अपने पति के साथ प्रतापगढ़ में रहने लगी थी। दोनों की दो साल की एक बेटी भी है। मंगलवार शाम विष्णु अपनी पत्नी साक्षी के साथ ससुराल आया था। रात करीब 9:30 बजे किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और मारपीट में बदल गया। आवेश में आए ससुर और सालियों ने विष्णु पर हमला बोल दिया, जिससे फर्श खून से लाल हो गया।
डीसीपी और एडीसीपी ने किया मौका मुआयना, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
वारदात की सूचना मिलते ही आशियाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी और एडीसीपी मध्य ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के निर्देश दिए हैं। फोरेंसिक टीम ने कमरे से संघर्ष के निशान, खून के धब्बे और हमले में इस्तेमाल किए गए साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने आरोपी ससुर तीरथराज और उसकी चार बेटियों—राधा, साक्षी (नाम समानता), रत्ना और ज्योति को पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया है। वहीं, पति की आंखों के सामने हुई हत्या से साक्षी सदमे में है और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है।
पुराना विवाद: ससुर ने दामाद को भिजवाया था जेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि ससुर और दामाद के बीच रिश्ता पहले से ही बेहद तनावपूर्ण था। वर्ष 2024 में तीरथराज ने विष्णु पर अपनी छोटी बेटी (विष्णु की साली) को अगवा करने का आरोप लगाया था। इस मामले में आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और विष्णु को जेल भी जाना पड़ा था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। माना जा रहा है कि इसी पुरानी रंजिश और कलह ने मंगलवार रात खूनी मोड़ ले लिया।
पड़ोसियों का दावा: विवादित है आरोपी का परिवार
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अधिवक्ता का परिवार इलाके में ‘अभद्र’ व्यवहार के लिए जाना जाता है। लोगों का आरोप है कि यह परिवार आए दिन पड़ोसियों से झगड़ा करता रहता है, जिसके कारण मोहल्ले में इनका किसी से सरोकार नहीं था। यह भी खुलासा हुआ है कि जिस मकान (सेक्टर आई, 1061) में वे रह रहे हैं, वह सिंचाई विभाग के एक अधिकारी का है, जिस पर इन्होंने कथित तौर पर अवैध कब्जा कर रखा है और किराया भी नहीं देते हैं।
पुलिस की कार्रवाई: तहरीर का इंतजार
आशियाना इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह के अनुसार, मृतक के परिजनों को प्रतापगढ़ सूचना दे दी गई है। अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मंगलवार रात विवाद की तात्कालिक वजह क्या थी। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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