Sunday , 31 May 2026

घाटमपुर में सनसनी: रिश्ते के ‘मामा’ ने ही घोंटा 15 वर्षीय किशोर का गला, बहन से प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह; 24 घंटे में खुलासा

कानपुर (घाटमपुर)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद स्थित घाटमपुर के कठेठा गांव में हुई 15 वर्षीय किशोर की निर्मम हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। इस हत्याकांड का जो सच सामने आया है, उसने न सिर्फ पुलिस बल्कि मृतक के परिजनों के भी होश उड़ा दिए हैं। किशोर की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि रिश्ते में उसके ‘मामा’ लगने वाले युवक ने ही की थी। वजह थी—आरोपी का किशोर की बहन के साथ चल रहा प्रेम प्रसंग, जिसे किशोर ने देख लिया था।

खेत में मिला था प्रतीक का शव, लोअर के नाड़े से कसा था गला

कठेठा गांव निवासी संतोष सिंह का 15 वर्षीय बेटा प्रतीक उर्फ कृष्णा सिंह शनिवार को घर से मवेशियों को देखने के लिए साइकिल लेकर खेत गया था। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। रविवार को प्रतीक का शव खेत किनारे एक माइनर (नहर की छोटी शाखा) में पड़ा मिला। बेरहमी की हद यह थी कि हत्यारे ने प्रतीक के ही लोअर के नाड़े से उसका गला घोंट दिया था। घटनास्थल के पास प्रतीक की साइकिल स्टैंड पर खड़ी मिली, जिसमें ताला लगा हुआ था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर रविवार शाम को ही अंतिम संस्कार करवा दिया था।

प्रेम प्रसंग का राज खुलने के डर से दी खौफनाक सजा

पकड़े गए हत्यारोपी आशुतोष, जो मृतक की मां का फुफेरा भाई है, ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आशुतोष ने बताया कि उसका किशोर की बहन के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। शनिवार को प्रतीक ने उन दोनों को साथ देख लिया था। प्रतीक इस बात को घर वालों को बताने की जिद पर अड़ा था। आशुतोष ने उसे कई बार समझाने और मनाने की कोशिश की, लेकिन जब प्रतीक नहीं माना तो उसने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया। वह प्रतीक को बहाने से खेत ले गया और वहां सुनसान पाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शोर मचाने पर उसने प्रतीक के मुंह में रुमाल ठूंस दिया था।

शातिर दिमाग: पुलिस की मदद का नाटक और फिर ऐसे खुला राज

हत्यारोपी आशुतोष ने पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश की। हत्या करने के बाद वह डर के मारे अपने जीजा के घर भाग गया था, लेकिन जब उसे पता चला कि पुलिस गांव में ‘लापता’ लोगों की सूची बना रही है, तो वह शक से बचने के लिए फौरन गांव लौट आया। इतना ही नहीं, वह शातिर अपराधी की तरह पुलिस और फॉरेंसिक टीम के साथ साये की तरह बना रहा और अपनी ही बाइक से टीम को घटनास्थल तक ले गया। हालांकि, ग्रामीणों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने प्रतीक को आशुतोष के साथ जाते देखा था। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और कॉल डिटेल (CDR) खंगाली, तो आशुतोष टूट गया और सच उगल दिया।

न्यायालय में पेशी के बाद हत्यारोपी पहुंचा जेल

घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपी आशुतोष ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके पास से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने मंगलवार को हत्यारोपी को संबंधित धाराओं के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है और लोग इस बात से हैरान हैं कि एक सगा संबंधी ही इतना बड़ा रक्षक से भक्षक कैसे बन सकता है।

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