
कानपुर। एक बेटे के जाने का गम मना रहे परिवार के आंसू उस वक्त गुस्से के सैलाब में तब्दील हो गए, जब अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच दोस्त ने मृतक का आखिरी वीडियो दिखा दिया। इंस्टाग्राम पर मौत से ठीक पहले अपलोड किए गए इस वीडियो में 23 वर्षीय रोहित सिंह ने धर्म परिवर्तन के लिए धमकाए जाने का सनसनीखेज खुलासा किया है। वीडियो सामने आते ही कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
दोस्त के एक वीडियो ने बदल दिया पूरा मामला
पनकी के रतनपुर इलाके में रहने वाले रोहित सिंह ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। शुरुआती जांच और पूछताछ में परिजनों ने पुलिस को उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने और भूत-प्रेत की बातों से परेशान रहने की जानकारी दी थी। लेकिन शुक्रवार को अंतिम संस्कार से ठीक पहले रोहित के एक दोस्त ने उसका इंस्टाग्राम वीडियो दिखाकर पूरे मामले का रुख ही मोड़ दिया। इस वीडियो में रोहित कह रहा है कि उसे धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन वह अपना धर्म नहीं छोड़ेगा। वीडियो में उसने नारी सम्मान और नशे के खिलाफ भी बात की है। यह वीडियो देखते ही परिवार का दुःख गुस्से में बदल गया।
लखनऊ में क्या हुआ था रोहित के साथ?
रोहित की बहन निशा सिंह ने बताया कि उनका भाई 26 जनवरी को लखनऊ में पॉलिटेक्निक कर रही अपनी छोटी बहन से मिलने गया था। तभी ट्रेन में उसे चार युवक मिले, जो उसे बहला-फुसलाकर चारबाग स्थित एक मजार पर ले गए। आरोप है कि वहां उन युवकों ने रोहित पर धर्म बदलने का दबाव बनाया और इनकार करने पर उसके साथ मारपीट भी की। निशा का दावा है कि लखनऊ से लौटने के बाद से ही रोहित गहरे सदमे में था और उसकी मानसिक स्थिति बिलकुल भी ठीक नहीं थी। उसने रोते हुए परिवार को यह आपबीती सुनाई थी।
सड़क पर शव रखकर हंगामा, पुलिस ने दिया आश्वासन
वीडियो में धर्म परिवर्तन की बात सामने आते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर रोहित का शव रखकर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। चारबाग रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ।
भूत-प्रेत और मानसिक तनाव की कहानी
इस मामले में एक पहलू यह भी है कि रोहित के रिश्तेदारों और पड़ोसियों के अनुसार, वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान रहता था। वह अक्सर भूत-प्रेत दिखने की बात करता था और डर जाता था। इसी डर के कारण वह अपने परिवार से यह मकान बेचकर किसी दूसरी जगह बसने की जिद भी करता था। पुलिस का यह भी दावा है कि पहले परिजनों ने लिखित में रोहित की मानसिक स्थिति खराब होने के कारण आत्महत्या करने की बात कही थी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
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