Tuesday , 21 April 2026

लखनऊ में ऑनर किलिंग: पिता ने ही दोस्त के साथ मिलकर बुना मौत का जाल, गला घोंटने के बाद तेजाब से जलाया चेहरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ही अपनी बेटी का काल बन गया। चिनहट इलाके में रहने वाले एक शख्स ने अपनी इज्जत की खातिर न केवल अपनी जवान बेटी की जान ले ली, बल्कि उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब भी डाल दिया। पुलिस ने सोमवार को इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पिता और उसके मददगार दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा पुलिस को देता रहा झांसा

पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) दीक्षा शर्मा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि चिनहट के इमलीबाथम निवासी विजय चौबे ने 16 अप्रैल को अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत आईजीआरएस (IGRS) के जरिए दर्ज कराई थी। पुलिस जब मामले की जांच के लिए उसके घर पहुंची, तो परिवार के बयानों में विरोधाभास नजर आया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पड़ोसी जिले बाराबंकी में एक अज्ञात युवती का शव मिला है, जिसका चेहरा बुरी तरह झुलसा हुआ था। शक की सुई विजय पर घूमी और पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की।

झाड़फूंक के बहाने घर से ले गया, रास्ते में बुना मौत का जाल

पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिता विजय चौबे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह अपनी बेटी की कुछ हरकतों से परेशान था और उसे अपनी ‘मर्यादा’ पर दाग मान रहा था। योजना के मुताबिक, वह 16 अप्रैल को बेटी को झाड़फूंक के बहाने कार में बैठाकर राजस्थान ले जाने की बात कहकर घर से निकला। रास्ते में उसने अपने दोस्त मन्नान को भी साथ ले लिया। रात के सन्नाटे में बाराबंकी की एक सुनसान सड़क पर दोनों ने मिलकर गाड़ी रोकी और वारदात को अंजाम दिया।

पहचान छिपाने के लिए तेजाब का किया इस्तेमाल

आरोपी ने कबूल किया कि उसने और मन्नान ने पहले बेटी का हाथ से गला दबाया और फिर गमछे से गला कसकर उसे मौत के घाट उतार दिया। जब उन्हें यकीन हो गया कि उसकी जान निकल चुकी है, तो पहचान छिपाने के लिए आरोपी पिता ने अपने साथ लाए तेजाब को बेटी के चेहरे पर डाल दिया। उसने सोचा था कि चेहरा जल जाने के बाद पुलिस कभी शिनाख्त नहीं कर पाएगी और वह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर खुद को बेगुनाह साबित कर देगा।

आईजीआरएस शिकायत बनी ढाल, पर पुलिस की नजरों से नहीं बच सका

विजय ने खुद को बचाने के लिए बहुत ही शातिर तरीके से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन बाराबंकी पुलिस और लखनऊ पुलिस के आपसी तालमेल और ग्राउंड इनपुट ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गमछा और अन्य साक्ष्य जुटा लिए हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

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