गुवाहाटी: असम की सियासत में आज एक नया ‘स्वर्णिम अध्याय’ लिखा गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर रणनीतिकार और पूर्वोत्तर के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित एक बेहद भव्य और गौरवशाली समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर दिल्ली से लेकर असम तक का शीर्ष नेतृत्व एक मंच पर नजर आया।
पीएम मोदी और दिग्गजों का जमावड़ा: भव्य समारोह के साक्षी बने देश के नेता
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का शपथ ग्रहण समारोह किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे दिग्गजों ने कार्यक्रम में शिरकत कर सरकार को अपना पूर्ण समर्थन दिया। सुबह 11:40 बजे जैसे ही डॉ. सरमा ने शपथ ली, पूरा मैदान नारों से गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मौके पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि डॉ. सरमा का नेतृत्व असम को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
टूटा दशकों पुराना रिकॉर्ड: गैर-कांग्रेसी नेता के रूप में पहली बार मिली लगातार दूसरी पारी
डॉ. सरमा ने इस शपथ के साथ ही असम की राजनीति में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह असम के इतिहास में कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल (गैर-कांग्रेसी) के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार सत्ता की बागडोर संभाली है। असम में यह भाजपा नीत एनडीए (NDA) की लगातार तीसरी जीत है। 2016 में सर्बानंद सोनोवाल और फिर 2021 के बाद अब 2026 में पुनः हिमंत बिस्वा सरमा की वापसी ने पूर्वोत्तर में भाजपा की जड़ों को और मजबूत कर दिया है।
नई कैबिनेट का गठन: चार मंत्रियों ने भी ली पद की शपथ
मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य के चार अन्य वरिष्ठ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग शामिल हैं। यह नई कैबिनेट क्षेत्रीय समीकरणों और सहयोगी दलों के बीच बेहतरीन संतुलन को दर्शाती है। समारोह के दौरान डॉ. सरमा का परिवार भी भावुक नजर आया। उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने इसे परिवार के लिए गर्व और हर्ष का विषय बताया।
पूर्वोत्तर में बढ़ेगा विकास का ग्राफ: बुनियादी ढांचे और शांति पर रहेगा जोर
2016 में भाजपा में शामिल होने के बाद से हिमंत बिस्वा सरमा ने न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में पार्टी को एक मजबूत आधार दिया है। उनके दूसरे कार्यकाल से राज्य के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि आने वाले पांच सालों में असम में बुनियादी ढांचे का विकास, शांति बहाली और आर्थिक प्रगति के एजेंडे को और अधिक रफ्तार मिलेगी। कार्यक्रम में उमड़ी हजारों की भीड़ डॉ. सरमा की लोकप्रियता और जनता के भरोसे की तस्दीक कर रही थी।
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