
छिंदवाड़ा। जुर्म की दुनिया में आपने सुसाइड नोट के कई रूप देखे होंगे। कभी किसी डायरी के फटे पन्ने पर, कभी मोबाइल के आखिरी वीडियो में, तो कभी सोशल मीडिया की दर्दभरी पोस्ट में। लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स तक के होश उड़ा दिए हैं। एक मां और पत्नी ने मौत को गले लगाने से पहले अपनी बर्बादी, दर्द और बेबसी की दास्तान किसी कागज पर नहीं, बल्कि अपने ही जिस्म पर लिख डाली। महिला ने मरने से पहले अपने दोनों हाथों और पैरों पर मेहंदी से वो खौफनाक राज लिख दिए, जो शायद वो जिंदा रहते कभी चीखकर भी बयां नहीं कर पाई थी।

हंसते-खेलते परिवार को लगी अपनों की ही नजर
यह सनसनीखेज मामला छिंदवाड़ा के चौरई थाना इलाके के चन्हियाखुर्द गांव का है। यहां रहने वाली 32 वर्षीय प्रीति वर्मा ने शनिवार को तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया और जिंदगी की जंग हार गई। जानकारी के मुताबिक, प्रीति की शादी साल 2013 में लखन वर्मा के साथ हुई थी। उनकी एक 10 साल की बेटी भी है। ऊपरी तौर पर देखने में सब कुछ बिल्कुल ठीक और सामान्य नजर आता था, लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार को न जाने किसकी काली नजर लग गई। कुछ समय पहले प्रीति के बड़े बेटे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही घर के हालात पूरी तरह बदल गए।

मासूम बेटे की मौत के बाद मिला ‘मनहूस’ का ताना
पारिवारिक सूत्रों और पड़ोसियों से मिली अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, इकलौते बेटे की मौत के बाद प्रीति अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी। एक मां जो पहले से ही अपने कलेजे के टुकड़े को खोने के गम में डूबी थी, उसे सहारा देने के बजाय ससुराल में ‘अपशकुनी’ और ‘मनहूस’ कहा जाने लगा। उसे हर रोज यह ताना दिया जाता था कि उसी की लापरवाही की वजह से उसका बेटा इस दुनिया से चला गया। बेटे को खोने का असहनीय गम और ऊपर से अपनों का यह जानलेवा मानसिक टॉर्चर, प्रीति के लिए उसका अपना घर ही एक जिंदा नरक बन चुका था।
मिटा न सके कोई, इसलिए जिस्म को ही बना दिया ‘डेथ नोट’
प्रीति अंदर ही अंदर जानती थी कि अगर उसने कागज पर सुसाइड नोट लिखा तो ससुराल वाले उसे फाड़कर आग के हवाले कर देंगे। अगर उसने मोबाइल में कोई आखिरी वीडियो या सुसाइड क्लिप रिकॉर्ड की, तो उसे भी डिलीट कर सबूत मिटा दिए जाएंगे। इसलिए उसने मौत का एक ऐसा रास्ता चुना जिसे दुनिया की कोई ताकत मिटा न सके। उसने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी रचाई, लेकिन यह मेहंदी किसी सुहाग या त्योहार की नहीं बल्कि उसकी मौत का आखिरी खत थी। उसने अपनी प्रताड़ना की पूरी कहानी और तानों के गहरे घाव अपने ही जिस्म पर उकेर दिए। जब अस्पताल में प्रीति की सांसें उखड़ रही थीं, वह बयान देने की स्थिति में नहीं थी, लेकिन उसके हाथ और पैर चिल्ला-चिल्लाकर उसके साथ हुए जुल्म की गवाही दे रहे थे।
पुलिस और फोरेंसिक टीम भी रह गई दंग, जांच तेज
चौरई थाना प्रभारी मोहन मर्सकोले के मुताबिक, यह मामला बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला है। महिला के हाथ-पैरों पर लिखे गए एक-एक शब्द की हाई-डेफिनिशन (HD) वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है। अब इन तस्वीरों को फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जा रहा है ताकि हैंडराइटिंग का पूरी तरह से मिलान किया जा सके। पुलिस अब सिर्फ मायके वालों के बयानों पर निर्भर नहीं है, बल्कि आरोपी पति लखन वर्मा के मोबाइल फोन को जब्त कर उसके डिलीट हो चुके डिजिटल चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स को रिकवर करने में जुट गई है। पुलिस को अंदेशा है कि प्रीति को व्हाट्सएप और फोन पर भी इस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उसके पास आत्मदाह के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।
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