लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की सूरत बदलने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। राज्य सरकार ने खुदी और टूटी सड़कों को तय मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के लिए 1 अक्तूबर से 10 नवंबर तक 40 दिवसीय विशेष मरम्मत अभियान चलाने का फैसला किया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय से प्रदेश के सभी मंडलों की वर्चुअल समीक्षा बैठक कर कार्ययोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
40 दिन के भीतर गुणवत्ता के साथ दुरुस्त होंगी सड़कें
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि गांवों में जलापूर्ति की पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को अधूरा या बदहाल छोड़ना कतई स्वीकार्य नहीं होगा। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का पुनर्निर्माण और पैचवर्क कराया जाए। मरम्मत कार्य निर्माण मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप ही होना चाहिए। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन के कार्यों की ग्राउंड स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
‘जल सारथी’ ऐप पर ग्रामीण सीधे दर्ज करा सकेंगे फोटो-वीडियो शिकायत
इस अभियान में पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। सरकार ने ग्रामीणों को सशक्त बनाते हुए ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप पर सीधी शिकायत दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध कराया है।
यदि किसी गांव में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क बदहाल पड़ी है, तो ग्रामीण सीधे मौके की लाइव फोटो और वीडियो बनाकर ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। ऐप पर शिकायत दर्ज होते ही संबंधित क्षेत्र के नोडल अधिकारी और एजेंसी को अलर्ट मिलेगा, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कार्य का त्वरित निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
10 नवंबर के बाद शिकायत मिली तो एजेंसी और इंजीनियर दोनों नपेंगे
जलशक्ति मंत्री ने सख्त तेवर दिखाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर को अभियान समाप्त होने के बाद यदि किसी भी ग्रामीण क्षेत्र से सड़क की बदहाली या मरम्मत न होने की शिकायत सामने आई, तो संबंधित कार्यदायी संस्था (एजेंसी) को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ जिम्मेदार विभागीय इंजीनियरों के खिलाफ भी निलंबन और विभागीय जांच की कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।
वंचित गांवों में प्राथमिकता से पूरी होंगी पेयजल परियोजनाएं
बैठक में लंबित परियोजनाओं की मंडलवार प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि जिन गांवों में अब तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, वहां के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तय डेडलाइन में पूरा किया जाए।
समीक्षा बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह सहित विभाग के कई प्रमुख तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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