हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक घर में बेटे के मुंडन संस्कार की खुशियां मनाई जा रही थीं, लेकिन अगले ही पल वहां चीख-पुकार मच गई। टड़ियावां थाना क्षेत्र के जगरौली गांव में एक पिता ने अपने ही बेटे के मुंडन उत्सव के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिस घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
जश्न के बीच अचानक गायब हुआ पिता
जानकारी के मुताबिक, 42 वर्षीय शिवकुमार दिल्ली में रहकर रंगाई-पुताई की ठेकेदारी करता था। वह अपने छोटे बेटे पवन राज का मुंडन संस्कार कराने के लिए 18 अप्रैल को सपरिवार दिल्ली से अपने पैतृक गांव जगरौली आया था। बुधवार को घर में मुंडन की दावत चल रही थी और नाते-रिश्तेदार जश्न में डूबे थे। देर रात तक नाच-गाना और खुशियों का माहौल बना रहा, लेकिन इसी बीच भोर पहर शिवकुमार अचानक घर से कहीं निकल गया।
खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ से लटका मिला शव
काफी देर तक जब शिवकुमार वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सुबह गांव के उत्तर दिशा में स्थित खेत में जब लोग पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शिवकुमार का शव खेत में खड़े एक यूकेलिप्टिस के पेड़ से उसके अपने ही गमछे के फंदे के सहारे लटक रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और उत्सव की खुशियां पल भर में मातम में तब्दील हो गई।
आत्महत्या की वजह बनी रहस्य
शिवकुमार के भाई सर्वेश ने बताया कि घर में किसी भी तरह का कोई विवाद या तनाव नहीं था। शिवकुमार अपनी पत्नी आरती और पांच बच्चों (तीन बेटियां और दो बेटे) के साथ दिल्ली में हंसी-खुशी रह रहा था। अचानक उठाए गए इस खौफनाक कदम ने परिवार के साथ-साथ पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि जिस बेटे के मुंडन के लिए शिवकुमार इतनी दूर से आया था, उसकी खुशी देखे बिना उसने अपनी जीवनलीला क्यों समाप्त कर ली।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर टड़ियावां पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या शिवकुमार किसी मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानी में था, जिसका जिक्र उसने परिवार से नहीं किया था।
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