गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से लगातार सुर्खियों में बने सनसनीखेज नीरज हत्याकांड में स्थानीय पुलिस ने एक ऐसा खौफनाक खुलासा किया है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. एक घर जहां शहनाइयां बजने वाली थीं, नई दुल्हन के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया. दरअसल, 4 दिन पहले ही दूसरे राज्य से अपनी शादी के लिए घर लौट रहा एक युवक रास्ते से ही रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था. तहकीकात के बाद पुलिस ने इस मर्डर मिस्ट्री की परतों को खोला तो सामने आया कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी, जिसका मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि युवक का होने वाला साढ़ू ही निकला.
स्टेशन से फोन करने के बाद अचानक बंद हुआ मोबाइल, साढ़ू ने ही किया था पिक
जानकारी के मुताबिक, जमुआ के भिखोडीह निवासी सुभाष हाजरा के इकलौते बेटे नीरज हाजरा की शादी आगामी 7 जुलाई को होनी तय हुई थी. नीरज दूसरे राज्य में काम करता था और अपनी शादी के लिए वापस घर लौट रहा था. उसने स्टेशन पहुंचने के बाद अपने पिता को फोन कर जानकारी भी दी थी कि वह पहुंच चुका है. लेकिन घर पहुंचने से पहले ही उसके होने वाले साढ़ू (मुख्य आरोपी) ने उसे स्टेशन से अपनी स्कूटी पर पिक कर लिया. इसके बाद से ही नीरज का मोबाइल बंद हो गया और परिजनों के तमाम फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं मिला. जब परिजनों ने होने वाले साढ़ू से पूछताछ की, तो उसने झूठ बोल दिया कि उसने तो दूल्हे को घर के लिए रवाना कर दिया था.

5 दिन बाद बिहार के जमुई में मिली लाश, स्पेशल टीम ने मुख्य आरोपी को दबोचा
बेटे का कोई सुराग न मिलने पर घबराए परिजनों ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो शुरुआत में उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि ‘लड़का बच्चा नहीं है, आ जाएगा.’ लेकिन परिवार का दिल किसी अनहोनी की आशंका से कांप रहा था. आखिरकार परिजनों का डर सच साबित हुआ, जब घटना के 5 दिन बाद पड़ोसी राज्य बिहार के जमुई जिले के बीचकोड़वा इलाके से एक अज्ञात शव बरामद हुआ.
शव की शिनाख्त की गई तो वह लापता दूल्हे नीरज हाजरा की ही थी. शव मिलने के बाद गिरिडीह पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुभाष पासवान को धर-दबोचा.
होने वाली पत्नी और जीजा के बीच था ढाई साल से अफेयर, शादी रोकने के लिए रची खूनी साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद मुख्य आरोपी सुभाष पासवान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका अपनी ही साली (जिससे नीरज की शादी होने वाली थी) के साथ पिछले ढाई साल से प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध चल रहा था. आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने नीरज की होने वाली पत्नी उर्मिला को भी हिरासत में ले लिया.
पूछताछ में उर्मिला ने भी पूरा सच उगल दिया. उसने बताया कि वह अपने जीजा सुभाष पासवान से बेहद प्यार करती थी और उसी के साथ रहना चाहती थी, लेकिन परिवार वालों ने उसकी मर्जी के खिलाफ उसका रिश्ता नीरज के साथ तय कर दिया था. इस शादी को रोकने के लिए ही जीजा-साली ने मिलकर नीरज को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया. पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार, मोबाइल फोन और वह स्कूटी भी बरामद कर ली है, जिस पर वह नीरज को बैठाकर ले गया था.
पुलिस प्रशासन पर फूटा परिजनों का गुस्सा, जमुआ थाना प्रभारी पर लापरवाही के आरोप
इस खौफनाक हत्याकांड के बाद पूरे गिरिडीह में आक्रोश का माहौल है. पुलिस की शुरुआती ढुलमुल कार्यप्रणाली और लापरवाही से नाराज परिजनों ने थाने के बाहर धरना भी दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने खोरी महुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया था.
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि इस पूरे मामले में जमुआ के थाना प्रभारी विभूति देव पर शुरुआती जांच में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं. गिरिडीह एसपी ने इस लापरवाही की विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जा सके. वहीं मुख्य आरोपी सुभाष पासवान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
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