पूर्णिया/पटना: बिहार की सियासत में अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राजनीति में महिलाओं के प्रवेश और राजनेताओं के निजी जीवन को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जिसने न सिर्फ सियासी गलियारों में बल्कि सोशल मीडिया पर भी तूफान खड़ा कर दिया है। पप्पू यादव ने दावा किया कि राजनीति में आने वाली 90% महिलाओं का करियर नेताओं के ‘बिस्तर’ से शुरू होता है। इस बयान के बाद उन पर चौतरफा हमले हो रहे हैं और बिहार महिला आयोग ने उन्हें कड़ा नोटिस थमाया है।
#WATCH | Malda, West Bengal: Independent MP Pappu Yadav says, "…I have said this on the Floor of the House too that 70-80% of the politicians watch porn. So, get everyone checked. If there is porn on my phone, check me too…Who are these people who have served me a notice? Who… https://t.co/AhuA9P87yg pic.twitter.com/J1eoDDBgnL
— ANI (@ANI) April 22, 2026
‘पोन देखने की लत’ वाले बयान पर अब भी कायम
विवादों की शुरुआत तब हुई जब पप्पू यादव ने लोकसभा में दावा किया था कि गूगल पर पोर्न देखने की सबसे ज्यादा लत राजनेताओं को है। इस पर जब उन्हें नोटिस मिला, तो वे पीछे हटने के बजाय और अधिक हमलावर हो गए हैं। पप्पू यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “मैंने सदन में भी कहा था कि 70-80% नेता पोर्न देखते हैं। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूँ। अगर किसी को शक है, तो सभी नेताओं के फोन की फॉरेंसिक जांच करा लीजिए। अगर मेरे फोन में कुछ गलत मिलता है, तो मुझ पर भी कार्रवाई कीजिए।”
महिला आयोग के नोटिस पर पप्पू यादव का तीखा पलटवार
महिला आयोग की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि आयोग उन पर तो नोटिस भेज रहा है, लेकिन वास्तविक अपराधों पर चुप है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। आयोग के लोगों की पूर्व मंत्रियों के साथ कई तस्वीरें हैं। जब पटना में नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ या नालंदा में सरेराह महिला से बदसलूकी हुई, तब यह आयोग कहाँ था? मैंने हमेशा महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ी है, जबकि ये राजनेता उनका शोषण करते हैं।”
यौन शोषण के आंकड़ों से घेरी पूरी जमात
पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुरुष राजनेता अक्सर महिलाओं का शोषण किए बिना उन्हें राजनीति में आगे नहीं बढ़ने देते। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया, “देश में 755 पुरुष राजनेताओं के खिलाफ यौन शोषण के मामले दर्ज हैं और 155 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। पूरा सिस्टम दागदार है। ये वही लोग हैं जो एक तरफ शोषण करते हैं और दूसरी तरफ महिला आरक्षण विधेयक की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।”
विवाद या कड़वा सच? छिड़ी नई बहस
सांसद के इन बयानों ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ विपक्षी दल इसे महिलाओं का अपमान बता रहे हैं, वहीं पप्पू यादव इसे राजनीति की ‘गंदी सच्चाई’ बताकर खुद को महिलाओं का रक्षक पेश कर रहे हैं। फिलहाल, महिला आयोग के नोटिस और पप्पू यादव की खुली चुनौती ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बयानबाजी पर कोई कानूनी शिकंजा कसता है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।
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