
तेहरान (ब्यूरो): मध्य पूर्व के रणक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के सबसे कद्दावर सुरक्षा रणनीतिकार और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी की एक सटीक इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल टारगेट को ढेर कर इजरायल ने न केवल ईरान के सुरक्षा तंत्र की धज्जियां उड़ा दी हैं, बल्कि पूरे तेहरान प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। अब ईरान के भीतर उस ‘विभीषण’ की तलाश तेज हो गई है, जिसने लारीजानी की पल-पल की लोकेशन इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद तक पहुंचाई।
बेटी से मिलने पहुंचे थे लारीजानी, सटीक मिसाइल हमले ने ली जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद से ही अली लारीजानी इजरायली सेना की ‘हिट लिस्ट’ में नंबर वन पर थे। अपनी जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए लारीजानी पिछले दो हफ्तों से लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे। हालांकि, मंगलवार को एक छोटी सी चूक भारी पड़ गई। जब वह तेहरान के बाहरी इलाके पारदीस (Pardis) में अपनी बेटी से मिलने पहुंचे, तभी इजरायली लड़ाकू विमानों ने उनके ठिकाने को निशाना बनाकर सटीक हमला कर दिया। इस भीषण धमाके में लारीजानी के साथ उनके बेटे, एक डिप्टी और कई अंगरक्षकों के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है।
गद्दार की तलाश और ‘अहंकारी चूक’ बनी मौत की वजह
रिपोर्ट्स की मानें तो लारीजानी की लोकेशन का सुराग स्थानीय स्तर पर लीक हुआ था। इजरायली अधिकारियों ने इसे लारीजानी की ‘अहंकारी चूक’ करार दिया है। दरअसल, हाल ही में कुद्स दिवस की रैलियों में सार्वजनिक रूप से शामिल होना और मीडिया के सामने आना उनकी पहचान को पुख्ता कर गया। अली लारीजानी को ईरान की रक्षा नीति का मुख्य वास्तुकार (Architect) और वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता था। उनकी मौत ने ईरान के नए शासन तंत्र को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है।
ईरान के सैन्य नेतृत्व में हड़कंप, बदला लेने की खौफनाक चेतावनी
लारीजानी की मौत की पुष्टि करते हुए ईरान ने उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि लारीजानी की मौत से ठीक पहले मध्य तेहरान में हुए एक अन्य हमले में बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गोलमरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे। एक के बाद एक शीर्ष कमांडरों के खात्मे से तेहरान की सड़कों पर भारी आक्रोश है। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने इस शहादत का बदला लेने की कसम खाते हुए चेतावनी दी है कि ईरान की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी होगी कि हमलावरों को अपनी इस हिमाकत पर पछताना पड़ेगा।
क्षेत्र में युद्ध की आग और भड़कने के आसार
अली लारीजानी की हत्या ने पहले से ही अस्थिर मध्य पूर्व को पूर्ण अराजकता की ओर धकेल दिया है। अंतरराष्ट्रीय रणनीतिकारों का मानना है कि लारीजानी जैसे प्रभावशाली नेता का जाना ईरान के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसका असर युद्ध के मैदान में जल्द ही दिखाई देगा। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अब ईरान के पास पलटवार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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