देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ टोंककला इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री ताश के पत्तों की तरह ढह गई और आसपास के मकानों की दीवारें तक दरक गईं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक मजदूर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। मलबे के नीचे और भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
मंजर देख कांप गई रूह: शरीर के टुकड़ों से पट गई सड़क
हादसे के समय मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने जो मंजर देखा, वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। धमाका होते ही आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया और हवा में बारूद की गंध फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना भयावह था कि फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के शरीर के चिथड़े उड़ गए और मांस के टुकड़े सड़क पर जाकर गिरे। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा था। फैक्ट्री के अंदर क्षमता से अधिक बारूद खुलेआम रखा जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रशासन से इस अवैध तरीके से रखे जा रहे बारूद की शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से अधिकांश उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन: घायलों को इंदौर किया गया रेफर
विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन की टीम दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। घायलों को तुरंत देवास जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। प्रशासन ने फिलहाल 2 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन घायलों की हालत को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जांच के घेरे में फैक्ट्री मालिक: कैसे हुआ धमाका?
विस्फोट के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि फैक्ट्री के पास बारूद रखने का वैध लाइसेंस था या नहीं और क्या वहां अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या बारूद के रखरखाव में लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लिया है और घायलों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
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