Saturday , 9 May 2026

तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय की ताजपोशी पर ग्रहण! देर रात पलटा पासा, डिप्टी CM की कुर्सी को लेकर फंसा पेंच

चेन्नई: दक्षिण भारतीय राजनीति के सबसे बड़े ‘पावर गेम’ में तमिलनाडु की सत्ता का संग्राम अब बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता की दहलीज पर तो खड़ी है, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता कांटों भरा हो गया है। शुक्रवार देर रात राजभवन में चली लंबी गहमागहमी के बाद भी शपथ ग्रहण की तारीख पर सस्पेंस बरकरार है।

राजभवन में विजय का दावा, लेकिन आंकड़ों में उलझा गणित

शुक्रवार शाम टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। सूत्रों के मुताबिक, विजय ने 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा है। हालांकि, तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 है। विजय अभी भी बहुमत से महज 2 सीट पीछे हैं। इसी बीच IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) के अचानक यू-टर्न लेने से टीवीके खेमे में खलबली मच गई है। IUML ने साफ कर दिया है कि वह विजय के साथ नहीं बल्कि डीएमके गठबंधन में ही रहेगी।

VCK की ‘डिप्टी CM’ वाली शर्त ने बढ़ाई विजय की टेंशन

इस समय पूरी सरकार गठन की प्रक्रिया ‘विदुथलाई चिरुथईगल काची’ (VCK) के पाले में जाकर टिक गई है। टीवीके नेतृत्व पिछले कई घंटों से वीसीके चीफ थोल थिरुमावलवन को मनाने में जुटा है। सूत्रों की मानें तो वीसीके ने समर्थन के बदले ‘डिप्टी सीएम’ पद की बड़ी मांग रख दी है। वहीं, विजय की पार्टी उन्हें शहरी विकास मंत्रालय जैसा अहम विभाग देने की पेशकश कर रही है। राजभवन ने दो टूक कह दिया है कि जब तक वीसीके का आधिकारिक समर्थन पत्र नहीं मिलता, तब तक शपथ ग्रहण संभव नहीं है।

पुराने सहयोगियों ने बदला पाला, पर्दे के पीछे DMK-AIADMK की घेराबंदी

विजय के लिए राहत की बात यह है कि कभी डीएमके के खास रहे कांग्रेस (5 विधायक), सीपीआई (2 विधायक) और सीपीएम (2 विधायक) ने उन्हें समर्थन दे दिया है। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। दूसरी ओर, एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने अपने एक विधायक का समर्थन एआईएडीएमके को देकर सियासी तपिश बढ़ा दी है। चर्चा है कि डीएमके और एआईएडीएमके विजय को सत्ता से रोकने के लिए पर्दे के पीछे हाथ मिला सकते हैं। 4 मई के नतीजों में 108 सीटें जीतकर इतिहास रचने वाले विजय के लिए अगले 24 घंटे उनकी राजनीतिक सूझबूझ की असली परीक्षा साबित होंगे।

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