Sunday , 17 May 2026

NEET परीक्षा रद्द होने के सदमे में डॉक्टर बनने का सपना टूटा, दिल्ली में 21 साल की अंशिका ने की खुदकुशी

नई दिल्ली, आदर्श नगर: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर चल रहे विवाद ने अब एक मासूम की जान ले ली है। दिल्ली के आदर्श नगर इलाके से एक बेहद ही झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ NEET परीक्षा रद्द होने की खबर से आहत होकर 21 वर्षीय एक होनहार छात्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। इस दुखद घटना के बाद से जहाँ एक तरफ मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। छात्रा की मौत ने देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण छात्रों पर बढ़ रहे मानसिक दबाव को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है।

कई सालों की मेहनत पर फिरा पानी, डॉक्टर बनने की थी चाह

मृतका की पहचान अंशिका के रूप में हुई है, जो पिछले कई सालों से दिन-रात एक करके NEET की तैयारी कर रही थी। परिजनों के मुताबिक, अंशिका पढ़ाई में बेहद तेज थी और इस साल उसे एक बेहतरीन रैंक आने की पूरी उम्मीद थी। वह अक्सर अपने परिवार से कहती थी कि इस बार उसका डॉक्टर बनने का सपना जरूर पूरा होगा और उसके नंबर बहुत अच्छे आएंगे। लेकिन परीक्षा में हुई धांधली और उसके बाद पेपर कैंसिल होने की खबर ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।

पेपर कैंसिल की खबर से गहरे तनाव में थी अंशिका

अंशिका के मामा मुनीश पांडेय ने बताया कि इस बार अंशिका का पेपर बहुत अच्छा गया था और वह अपने चयन को लेकर आश्वस्त थी। लेकिन जैसे ही देश भर में पेपर लीक के विवाद के बाद परीक्षा रद्द होने की आधिकारिक खबर आई, अंशिका गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई। परिजनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था। वह लगातार इसी उलझन में परेशान रहने लगी कि अब उसका भविष्य क्या होगा, और इसी मानसिक तनाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

श्मशान घाट पर पुजारी को हुआ शक, तब खुला राज

इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब घटना के बाद बदहवास परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। परिजन शव को लेकर जब श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां मौजूद पुजारी को लड़की की मौत की परिस्थितियों पर कुछ शक हुआ। पुजारी ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब इस खुदकुशी के पीछे के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

नेताओं का फूटा गुस्सा, शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना

घटना की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा और सौरभ भारद्वाज तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने आदर्श नगर पहुंचे। दोनों नेताओं ने मृतका के माता-पिता और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान विधायक संजीव झा ने सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक आत्महत्या नहीं है, बल्कि देश की जर्जर शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही के कारण हुई एक ‘हत्या’ है। संजीव झा ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षाओं में हो रही इस तरह की गड़बड़ियों और बार-बार पेपर कैंसिल होने की सजा आज देश के मासूम और होनहार छात्रों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

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