Friday , 29 May 2026

दिल्ली हाईकोर्ट में मची खलबली: लाइव सुनवाई के दौरान स्क्रीन पर चलने लगा अश्लील वीडियो, चीफ जस्टिस की सख्त चेतावनी….

नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित अदालतों में शुमार दिल्ली हाईकोर्ट से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। बुधवार को जब चीफ जस्टिस की बेंच महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, तभी अचानक वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर अश्लील वीडियो चलने लगा। इस अप्रत्याशित घटना से न केवल जज और वकील सन्न रह गए, बल्कि कोर्ट की गरिमा पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है। प्रशासन ने आनन-फानन में मामले की जांच दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट (IFSO) को सौंप दी है।

दोपहर की सुनवाई के दौरान दो बार हुई शर्मनाक हरकत

मिली जानकारी के मुताबिक, यह वाकया दोपहर करीब 12:56 बजे का है। उस वक्त चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस खरिया की खंडपीठ वर्चुअल मोड के जरिए मामलों का निपटारा कर रही थी। सुनवाई के बीच में जैसे ही स्क्रीन पर पोर्न वीडियो प्ले हुआ, कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाही रोक दी। कुछ मिनटों बाद स्थिति सामान्य मानकर सुनवाई फिर शुरू की गई, लेकिन शरारती तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि दोबारा अश्लील वीडियो चला दिया गया। तीसरी बार में किसी ने म्यूजिक वीडियो प्ले कर दिया, जिसके बाद कोर्ट रूम में हड़कंप मच गया।

अमेरिका से हैक हुआ लॉगिन अकाउंट

जांच के दौरान एक नाम ‘क्षितिजीत सिंह’ सामने आया है, जिसके लॉगिन आईडी से यह आपत्तिजनक कंटेंट शेयर हो रहा था। हालांकि, पूछताछ में क्षितिजीत ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसका सिस्टम अमेरिका से हैक किया गया था। उसने कहा कि वह तो सुनवाई की लिस्ट में भी शामिल नहीं था, फिर भी उसका अकाउंट हैक करके उसे जबरन इस मीटिंग में जोड़ दिया गया। घटना के वक्त स्क्रीन पर ‘आपका सिस्टम हैक हो गया है’ जैसा मैसेज भी फ्लैश हुआ था, जो इस साजिश की ओर इशारा करता है।

चीफ जस्टिस की सख्त चेतावनी और रजिस्ट्रार को निर्देश

इस गंभीर चूक पर नाराजगी जताते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर रजिस्ट्रार जनरल को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करना नियमों का उल्लंघन है और यदि किसी ने इस घटना की रिकॉर्डिंग की है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने भी इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से न्यायपालिका की मर्यादा प्रभावित होती है।

पहले भी अदालतों में हो चुकी हैं ऐसी डिजिटल सेंधमारी

वर्चुअल सुनवाई में सुरक्षा की यह पहली चूक नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2024 में मुंबई के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में भी डिजिटल डिस्प्ले हैक होने से अश्लील वीडियो चल गया था। जुलाई 2025 में कोलकाता NCLT और अगस्त 2025 में गुजरात हाईकोर्ट में भी इसी तरह की अभद्र घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार होती इन घटनाओं ने अदालतों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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