कैलिफोर्निया/नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में इन दिनों एक ऐसा ‘सियासी और आर्थिक’ भूकंप आया है, जिसने लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स की नींद उड़ा दी है। मेटा (Meta) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस हफ्ते 20,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी का संकेत देकर यह साफ कर दिया है कि अब दफ्तरों में इंसानी दिमाग से ज्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बोलबाला होगा।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 700 अरब डॉलर का दांव, इंसानों पर ‘कैंची’
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टेक जगत एक ऐसे ‘लेबर शेक-अप’ से गुजर रहा है, जहां कंपनियां अपने कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले खर्च को बचाकर सारा पैसा AI की बुनियाद खड़ी करने में लगा रही हैं। मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और अल्फाबेट जैसी कंपनियां इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 700 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रही हैं। कंपनियों का मानना है कि जो काम पहले 10 लोग करते थे, वह अब एआई टूल्स की मदद से अधिक दक्षता के साथ कम समय में किया जा सकता है।
मेटा और माइक्रोसॉफ्ट: छंटनी के आंकड़ों ने डराया
मेटा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने कुल वर्कफोर्स में 10% की कटौती करेगा, जिसका सीधा असर लगभग 8,000 नौकरियों पर पड़ेगा। इसके साथ ही 6,000 खाली पदों को भरने की योजना भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। दूसरी तरफ, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी कर्मचारियों को ‘स्वैच्छिक बायआउट’ (Voluntary Buyout) का ऑफर दिया है, यानी कर्मचारी खुद इस्तीफा देकर एक तय रकम लेकर जा सकते हैं।
डराने वाले आंकड़े: 2026 में अब तक 92,000 बेरोजगार
Layoffs.fyi के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2026 की शुरुआत ही विनाशकारी रही है। इस साल अब तक 92,000 से ज्यादा टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यदि 2020 से अब तक का हिसाब लगाएं, तो यह आंकड़ा लगभग 9 लाख के पार पहुंच गया है। छंटनी की यह आग सिर्फ सिलिकॉन वैली तक सीमित नहीं है:
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Snap: अपने 16% वर्कफोर्स को कम किया।
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Salesforce: 4,000 कस्टमर सपोर्ट पदों को खत्म किया।
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Nike: 1,400 तकनीकी कर्मचारियों को बाहर निकाला।
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Oracle: एआई पर निवेश बढ़ाने के लिए हजारों पदों पर कटौती की।
एंट्री-लेवल के लिए बंद हो रहे दरवाजे, एआई एक्सपर्ट्स की चांदी
बाजार का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जनरल आईटी (IT) और एंट्री-लेवल पदों के लिए नई भर्तियों पर लगभग ब्रेक लग गया है। हालांकि, जो लोग एआई इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड रोल्स में माहिर हैं, उनकी मांग और सैलरी दोनों में भारी उछाल देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, टेक इंडस्ट्री अब ‘क्वांटिटी’ (संख्या) के बजाय ‘क्वालिटी’ (एआई स्किल) पर ध्यान दे रही है, जो भविष्य के वर्क कल्चर के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
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