भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पकड़े गए नकली नोट कांड ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले और देश की सुरक्षा के लिए बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं। इस फेक करेंसी सिंडिकेट के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। जांच में ‘इस्लाम बंधुओं’ के खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक MBBS डॉक्टर के शामिल होने की खबर ने सनसनी फैला दी है।
पाकिस्तान-बांग्लादेश रूट से भारत में एंट्री
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में छापे गए उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों को पहले बांग्लादेश भेजा जाता था। वहां से पश्चिम बंगाल के रास्ते ये नोट भारत की सीमा में प्रवेश करते थे। मुर्शिदाबाद और मालदा को इस अवैध कारोबार का मुख्य केंद्र बनाया गया था। पकड़े गए आरोपी सैफुल इस्लाम ने पूछताछ में खुलासा किया है कि भोपाल को इस सिंडिकेट ने अपना ‘ट्रांजिट प्वाइंट’ बना रखा था, जहां से नकली नोटों की खेप राजस्थान, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भेजी जाती थी।
पूर्व BSF जवान पर बॉर्डर की जानकारी देने का आरोप
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर खुलासा मास्टरमाइंड शरीफउल्ला के भाई समीर को लेकर हुआ है। बताया जा रहा है कि समीर पूर्व में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात रह चुका है। आरोप है कि उसने अपने भाई के गिरोह को बॉर्डर मूवमेंट और सुरक्षा बलों की तैनाती की गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे नकली नोटों की तस्करी आसान हो गई। मास्टरमाइंड शरीफउल्ला फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस और ATS की टीमें कई राज्यों में दबिश दे रही हैं।
NIA के इनपुट पर कार्रवाई, देशभर में फैला जाल
यह बड़ी कार्रवाई नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से मिले इनपुट के बाद शुरू हुई। जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड शरीफउल्ला कोई नया खिलाड़ी नहीं है; वह 2018 और 2021 में भी नकली नोटों के साथ पकड़ा जा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से अपना नेटवर्क सक्रिय कर लिया। इस बार उसने गिरोह में पढ़े-लिखे लोगों, जैसे कि एक MBBS डॉक्टर को भी शामिल किया है, ताकि सिस्टम की नजरों से बचा जा सके।
ट्रांजिट पॉइंट बना भोपाल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
भोपाल पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। यह गिरोह देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर 500 और 2000 (पुराने) जैसे नोटों की शक्ल में फेक करेंसी खपा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कई रसूखदार लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल से लेकर दक्षिण भारत तक अलर्ट जारी कर दिया है।
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